पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है, 'Dim' o cracy. बंगाली भाषा में 'Dim' का मतलब होता है अंडा, जबकि 'Cracy' शब्द 'Democracy' से लिया गया है. राजनीतिक गलियारों में यह शब्द अब केवल व्यंग्य नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीति, जनाक्रोश और खाद्य संस्कृति के टकराव का प्रतीक बन गया है.
एक तरफ, विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य भर में कई तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर जनता द्वारा अंडे फेंके जाने की घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं दूसरी ओर नई बीजेपी सरकार द्वारा मिड-डे-मील से अंडे हटाए जाने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को और गहरा कर दिया है.
इसी मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा,''चुनाव प्रचार के दौरान मछली खाने का तमाशा करने के बाद अब गुजरात जिमखाना की असलियत सामने आ गई है. बंगाल में नई बीजेपी सरकार विपक्षियों पर अंडे फिंकवा रही है, लेकिन बच्चों को मिड-डे-मील से अंडा हटाकर पोषण से वंचित कर रही है. बंगाल इस थोपे गए शाकाहार को कभी स्वीकार नहीं करेगा.''
चुनाव के बाद 'एग जस्टिस' का दौर
चार मई 2026 को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत के बाद राज्य में जनाक्रोश का एक नया रूप देखने को मिला. भ्रष्टाचार, कट मनी और कथित वसूली के आरोपों से घिरे कई तृणमूल नेताओं को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा और विरोध का सबसे प्रतीकात्मक हथियार बना, अंडा. राजनीतिक विश्लेषकों ने इस दौर को 'Egg Justice' या 'Dim' o cracy' का नाम दिया.
किन नेताओं पर फेंके गए अंडे?
- 30 मई: तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में अंडे और पत्थर फेंके गए. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाना पड़ा.
- 28 मई: दमदम के निमता-बिराटी इलाके में सांसद सौगत रॉय की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और उस पर अंडे फेंके.
- 6 जून: वरिष्ठ नेता मदन मित्रा के काफिले पर कमरहाटी में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने अंडों की बौछार कर दी.
- 15 जून: कालिघाट में ममता बनर्जी के घर के बाहर मीडिया से बात कर रहे कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए.
- 7 जून: अलीपुर कोर्ट में गिरफ्तार पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता पर भी लोगों ने अंडों से हमला किया.
इसके अलावा, सुजय हाजरा, जयप्रकाश मजूमदार और कई अन्य स्थानीय नेताओं को भी जनता के इसी विरोध का सामना करना पड़ा.
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि बंगाल में अंडा अब केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं रहा, बल्कि जनता के गुस्से का प्रतीक बन चुका है.
अब मिड-डे मील से अंडा हटाने पर विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य की नई बीजेपी सरकार ने सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील मेन्यू में बदलाव के संकेत दिए हैं. विपक्ष का आरोप है कि बच्चों के भोजन से अंडा हटाने की कोशिश की जा रही है, जबकि बीजेपी का कहना है कि सरकार पोषण के वैकल्पिक मॉडल पर काम कर रही है.
After the fish🐠eating tamasha during the election campaign, the Gujarat Gymkhana finally reveals itself. New BJP govt at work in Bengal. Throw eggs at rivals. But DEPRIVE CHILDREN of nutrition by taking🥚🥚eggs off from midday meals. Imposing vegetarianism. Bengal rejects this
— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp) June 24, 2026
हालांकि, बंगाल जैसे राज्य में, जहां मछली, मांस और अंडा केवल भोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, यह मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.
बंगाल की राजनीति में 'अंडा' क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
बंगाल में अंडा दशकों से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सस्ते और सुलभ प्रोटीन का प्रमुख स्रोत रहा है.सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में अंडे की शुरुआत को बच्चों के पोषण स्तर सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में कुपोषण रोकने के लिए अंडा एक महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री है. ऐसे में इसे हटाने या सीमित करने की कोई भी कोशिश राजनीतिक बहस का विषय बनना तय है.
'Dim' o cracy: व्यंग्य से आगे की कहानी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 'Dim' o cracy दरअसल बंगाल की राजनीति के उस दौर को दर्शाता है, जहां जनता का गुस्सा, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक संघर्ष एक-दूसरे से टकरा रहे हैं.
एक तरफ अंडा नेताओं के खिलाफ जनता के प्रतिरोध का प्रतीक बन गया है, तो दूसरी तरफ वही अंडा अब बच्चों के पोषण और बंगाल की खाद्य संस्कृति को लेकर नई राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बन चुका है.
बंगाल की राजनीति में शायद पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक साधारण अंडा सत्ता, संस्कृति और जनभावनाओं के बीच संघर्ष का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है.
ये भी पढ़ें: कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा, 40 से 45 लोगों के दबे होने की आशंका
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं