- अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा का दौरा कर बीएसएफ जवानों से संवाद किया.
- शाह ने BSF के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में कड़ी तपिश और सर्दी के बावजूद देश की सुरक्षा में उनके योगदान को सराहा.
- सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई सड़कें, वॉच टावर और आधुनिक फेंसिंग सहित तकनीकी निगरानी बढ़ा रही है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने G-7 बॉर्डर आउट पोस्ट पर बीएसएफ जवानों से बातचीत की. साथ ही G-7 और G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण भी किया. अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ के जवान बेहद कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करते हैं. उन्होंने कहा कि कहीं माइनस 45 डिग्री तापमान होता है तो कहीं 45 डिग्री से ज्यादा गर्मी. इसके बावजूद जवान हर हाल में सीमा पर डटे रहते हैं.
उन्होंने कहा कि कच्छ का रेगिस्तान, सर क्रीक और हरामी नाला जैसे इलाके बहुत कठिन हैं. इसके अलावा राजस्थान के रेतीले इलाके, कश्मीर की बर्फीली चोटियां और पूर्वोत्तर के जंगलों में भी बीएसएफ जवान तैनात रहते हैं. गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 60 साल में बीएसएफ ने देश की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है. उन्होंने बल के 2000 से ज्यादा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि देश के लोग बीएसएफ की वजह से सुरक्षित महसूस करते हैं.

अमित शाह ने कहा कि सरकार सीमा सुरक्षा को और मजबूत बना रही है. इसके लिए वॉच टावर, नई सड़कें, पीने के पानी की सुविधा, मेडिकल सुविधा और आधुनिक फेंसिंग का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां जमीन पर फेंसिंग मुश्किल है, वहां तकनीक की मदद से सुरक्षा बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि ड्रोन, रडार और आधुनिक निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार ऐसा सुरक्षा घेरा बनाना चाहती है जिसे कोई भी आसानी से पार न कर सके.

गृह मंत्री ने कहा कि सर क्रीक और हरामी नाला क्षेत्र पहले सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते थे. लेकिन अब वहां तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि अगले दो साल में यह इलाका पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा. अमित शाह ने “चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड” का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अब केवल सीमा सुरक्षा पर नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा. इसमें बीएसएफ, सेना, स्थानीय पुलिस, सिविल प्रशासन और आम जनता मिलकर काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि सरकार “टेरिटोरियल सुरक्षा” की नई व्यवस्था लागू करना चाहती है. इसका मकसद सीमा से जुड़े हर इलाके को सुरक्षित बनाना है. अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सीमा फेंसिंग का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जमीन नहीं मिलने की वजह से कई हिस्सों में फेंसिंग अधूरी थी. लेकिन अब राज्य में सरकार बनने के बाद फेंसिंग के लिए जमीन देने का फैसला लिया गया है. फेंसिंग पूरी होने के बाद घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी. नदी और जंगल वाले इलाकों में तकनीकी फेंसिंग का इस्तेमाल किया जाएगा.
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार बीएसएफ जवानों की सुविधाएं बढ़ाने पर भी काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जवानों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात में एक ऐसा केंद्र बनाया गया है, जहां लोग बीएसएफ जवानों की जिंदगी और उनकी ड्यूटी को करीब से समझ सकते हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं. कई महिलाओं ने लिखा कि अगर उनके बच्चे बड़े होकर बीएसएफ में जाएं तो उन्हें गर्व होगा.
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