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This Article is From Dec 15, 2025

राजस्थान: भगवान से कम नहीं हेमा मालिनी! पहले कैंसर से जूझ रहे मासूम को दिया नया जीवन; अब बेटी को बड़ा तोहफा

एक पिता की गुहार पर सांसद हेमा मालिनी ने कैंसर पीड़ित मासूम बच्चे की जान बचाई. अब परिवार में बेटी की शादी पर पूरा सामान भेंट दिया. यह कहानी उम्मीद, संवेदना और मानवता की जीवंत मिसाल को बयां कर रही है. साकेत गोयल की रिपोर्ट.

राजस्थान: भगवान से कम नहीं हेमा मालिनी! पहले कैंसर से जूझ रहे मासूम को दिया नया जीवन; अब बेटी को बड़ा तोहफा
हेमा मालिनी ने सिरोही के एक परिवार को दिया नया जीवन
राजस्थान:

कभी-कभी ज़िंदगी में उम्मीद बस एक संदेश जितनी दूर होती है. जब उस संदेश का जवाब इंसानियत बनकर लौटे तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं होता. ऐसी ही एक मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी सिरोही जिले से सामने आई है, जहां एक पिता की गुहार, एक मां जैसी संवेदना और एक मासूम की जान बचने की कहानी में इंसानियत का नाम है प्रसिद्ध अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी. 

मासूम बेटे को था ब्लड कैंसर

यह कहानी है, कोरोना काल की है, जब पूरी दुनिया भय, असहायता और संघर्ष से जूझ रही थी. उसी दौर में सिरोही निवासी वाल्मीकि समाज के विक्रम वाघेला पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. उनके मासूम बेटे पृथ्वीराज को ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया. परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, ऊपर से महामारी के कारण इलाज कराना किसी चुनौती से कम नहीं था. विक्रम वाघेला अपने बेटे की जान बचाने के लिए अहमदाबाद से सिरोही तक दर-दर भटके.

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टेलीफोन डायरी से मिला हेमा मालिनी का नंबर

सरकारी और निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन हर जगह या तो संसाधनों की कमी थी या आर्थिक बोझ इतना अधिक कि इलाज संभव नहीं हो पा रहा था. निराशा के अंधेरे में डूबते एक पिता के सामने तब किस्मत ने उम्मीद की एक छोटी सी खिड़की खोली. कहीं से उन्हें बॉलीवुड की एक पुरानी टेलीफोन डायरी मिली. कई रातों की मेहनत और कोशिशों के बाद उन्हें अभिनेत्री हेमा मालिनी का व्हाट्सएप नंबर मिला.

डर, संकोच और उम्मीद के बीच एक पिता ने बस एक छोटा-सा संदेश भेजा, "मेरे बेटे की जान बचा लीजिए." अगली सुबह उस संदेश ने चमत्कार कर दिया. 

मासूम बच्चे के इलाज का उठाया खर्च

हेमा मालिनी ने खुद फोन कर पूरी स्थिति जानी. बिना किसी औपचारिकता के उन्होंने अपने ऑफिस से बात की और मुंबई के जाने-माने कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अनुपम जोशी से तत्काल संपर्क कराया. इतना ही नहीं, पृथ्वीराज के संपूर्ण इलाज का खर्च भी खुद वहन किया. समय पर इलाज मिलने से आज पृथ्वीराज कैंसर से जंग जीत चुका है और स्वस्थ जीवन जी रहा है. यह इंसानियत यहीं नहीं रुकी.

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Photo Credit: NDTV

अब बेटी की शादी में हेमा मालिनी ने भेजा सामान

विक्रम वाघेला की बेटी केतन की शादी तय हुई तो हेमा मालिनी ने इस परिवार को फिर अकेला नहीं छोड़ा. उनकी ओर से प्रतिनिधि बनकर डॉ. शैतान सिंह भूतेल सिरोही पहुंचे. उन्होंने केतन को तिजोरी, बेड, फ्रिज, सिलाई मशीन, टीवी सहित घर का पूरा जरूरी सामान भेंट किया. परिजन ने बताया कि हमारे बेटे को कैंसर हो गया था तो हेमा मालिनी ने पूरा ध्यान रखा और ट्रीटमेंट करवाया. अब बच्ची की शादी में सबकुछ सामान भेजा है. हम जब तक जियेंगे तब मैडम जी (हेमा मालिनी) की पूजा करते रहेंगे. 

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