- कांग्रेस ने RS चुनाव में क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए ओडिशा और हरियाणा के विधायकों को अलग-अलग रिसॉर्ट्स में रखा
- हरियाणा में बीजेपी के पास कुल पचपन वोट हैं जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को जिताने के लिए बत्तीस विधायक मौजूद
- राज्यसभा चुनावों में हरियाणा में कांग्रेस MLAs की क्रॉस वोटिंग के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था
कांग्रेस की राज्यसभा चुनाव को लेकर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स जारी है.पहले कांग्रेस ने ओडिशा के 14 विधायकों को भुवनेश्वर से बेंगलुरु भेजा.यहां उन्हें रामनगर के बिदादी रिसोर्ट में रखा गया है. कनार्टक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार उनकी खातिरदारी कर रहे हैं.उसी तरह कांग्रेस ने हरियाणा के 37 में से 31 विधायकों को चंडीगढ़ से शिमला के पास कुफरी के द ट्वीन टावर्स में ठहराया है और इनकी मेजबानी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर रहे हैं.रिसॉर्ट के बाहर हिमाचल पुलिस तैनात है और किसी को बाहर जाने की जरूरत नहीं है.इस रिसोर्ट में कांग्रेस ने 33 कमरे बुक कराए हुए हैं.
हिमाचल जाने से पहले हुड्डा के घर हुई थी बैठक
हिमाचल जाने से पहले कांग्रेस के विधायकों की चंडीगढ़ में भूपिन्दर सिंह हुड्डा के घर पर बैठक हुई थी जिसमें सभी 37 विधायक मौजूद थे.हरियाणा विधानसभा में 90 विधायक हैं जिसमें बीजेपी के पास 48 हैं मगर बीजेपी को इनलो के दो विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय विधायकों ने भी समर्थन देने का फैसला किया है. इसका मतलब बीजेपी के पास 53 विधायकों का समर्थन हासिल है.एक सीट जीतने के लिए 31 वोट चाहिए. भाजपा को अपने उम्मीदवार संजय भाटिया को जितवाने के बाद 22 वोट बच रहे हैं.वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और वह भी अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को आसानी से जितवा लेगी और उसके भी 6 वोट बच जाएंगे.
सतीष नांदल ने बिगाड़ा चुनावी गणित
इस बीच बीजेपी सर्मथित निर्दलीय सतीष नांदल ने पर्चा भर के राज्यसभा चुनाव का गणित बिगाड़ दिया है. नांदल को जीतने के लिए 9 वोट चाहिए और वो कांग्रेस के क्रॉस वोट के बिना संभव नहीं है.यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल शिफ्ट कर दिया है.बाकी के जो 6 विधायक नहीं गए हैं उनमें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जुलाना से विधायक विनेश फोगाट, बादली से कुलदीप वत्स, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, टोहाना से परमवीर सिंह और पंचकूला से चंद्रमोहन बिश्नोई हैं.
विनेश फोगाट: जुलाना से विधायक हैं और हुड्डा गुट की हैं. पारिवारिक कारणों से नहीं गई हैं.इनकी क्रॉस वोटिंग की संभावना न के बराबर है.
कुलदीप वत्स: बादली से विधायक व हुड्डा के करीबी विधायकों में से एक माने जाते हैं. पारिवारिक समारोह के चलते नहीं जा सके.इनकी भी क्रॉस वोटिंग की संभावना न के बराबर है.
परमवीर सिंह व मोहम्मद इलियास: टोहाना विधायक परमवीर सिंह और पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास बीमार हैं.दोनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं,इनकी भी दूसरे पक्ष में वोट करने की कम आशंका है.
चंद्रमोहन : पंचकूला के विधायक हैं.बीमार होने की वजह से नहीं गए.
कौन है सतीश नांदल जिनकी वजह से चुनाव हो रहा?
सतीश नांदल आईएनएलडी यानि इनलो से अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की और दो बार इनलो और एक बार बीजेपी के टिकट पर हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ा.सतीश नांदल ने 73 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की है और वो इस राज्यसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं.
Shimla, Himachal Pradesh: Haryana Congress MLAs have been moved to Adventure Resort ahead of the Haryana Rajya Sabha elections. Heavy police deployment is in place at the resort. Haryana Congress President Rao Narender Singh is also present pic.twitter.com/yqwOEEPE60
— IANS (@ians_india) March 14, 2026
हरियाणा में क्रॉस वोटिंग का इतिहास
हरियाणा में क्रॉस वोटिंग का इतिहास रहा है और पिछले दो बार कांग्रेस के उम्मीदवारों को ही हार का सामना करना पड़ा है.साल 2016 में हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें तीन प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे. बीजेपी की तरफ से चौधरी बीरेंद्र सिंह तो कांग्रेस-इनेलो ने सुप्रीम कोर्ट के वकील आरके आनंद को उम्मीदवार थे.सुभाष चंद्रा निर्दलीय तौर पर राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदावर थे, जो बीजेपी समर्थित थे.
बीजेपी के 47 विधायक थे जबकि कांग्रेस के 17 और इनेलो-अकाली दल के पास 20 विधायक थे. इस लिहाज से एक सीट बीजेपी और एक सीट विपक्ष को मिलनी थी मगर जब वोटिंग हुई तो सारा खेल पलट गया.कांग्रेस विधायकों ने वो किया जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता.
कांग्रेस के 17 में से 14 विधायकों ने वोटिंग के दौरान गलत पेन का इस्तेमाल किया जिसके चलते उनके वोटों को अमान्य करार दे दिया गया. इसका नतीजा ये हुआ कि दूसरी सीट पर बीजेपी समर्थित सुभाष चंद्रा जीत गए. बहुमत होते हुए भी आर के आनंद चुनाव हारे.
Chandigarh: Haryana Congress MLA Jassi Petwar says, "I can say we are going for a two-day training session starting on the 15th. All 37–38 Congress MLAs will attend. The strategy is to ensure party unity, and all 37 MLAs are together, supporting the party's decisions and… pic.twitter.com/VEROE5HCXv
— IANS (@ians_india) March 13, 2026
दूसरी घटना दो साल पहले की है.साल 2022 में भी राज्यसभा की 2 सीटों पर चुनाव हुआ. संख्या के हिसाब से बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलनी थी, लेकिन फिर खेला हुआ. बीजेपी के तरफ से कृष्णलाल पंवार तो कांग्रेस के तरफ से अजय माकन उम्मीदवार थे.पूर्व केंद्रीय और हरियाणा की कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके विनोद शर्मा ने अपने बेटे कार्तिकेय शर्मा को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ाया. इन्हें बीजेपी का समर्थन था.
राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों ने अपने वोट बीजेपी एजेंट को दिखाए. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन वोटों को रद्द करने की मांग की मगर वोट रद्द नहीं हुए. नतीजा निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा जीत गए और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग खुलकर सामने आई. किरण चौधरी और कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग करके अजय माकन के बजाय कार्तिकेय शर्मा को वोट दिया और अजय माकन हार गए.बाद में बीजेपी ने किरण चौधरी को राज्यसभा भेजा. यही वजह है कि कांग्रेस इस बार फूंक फूंक कर कदम रख रही है,उनकी हालत दूध का जला छाछ भी फूंक कर पीने वाले जैसी है.जो भी विधायक कुफरी के रिसोर्ट में रखे गए हैं ,उन्हें वोटिंग के दिन यानि 16 मार्च सोमवार को ही चंडीगढ़ लाया जाएगा.
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