विज्ञापन

IB के नाम पर धमकी की इनसाइड स्टोरी, गुजरात 'आप' की गुटबाजी का वो सच, जो पुलिस जांच में आया सामने

गुजरात में आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी का बड़ा खुलासा हुआ है. पार्टी कार्यकर्ताओं को IB अधिकारी बनकर धमकाने का मामला असल में अंदरूनी साजिश निकला.

IB के नाम पर धमकी की इनसाइड स्टोरी, गुजरात 'आप' की गुटबाजी का वो सच, जो पुलिस जांच में आया सामने
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया
  • गुजरात में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी राजनीति में गुटबाजी का मामला पुलिस जांच तक पहुंच गया है.
  • दुर्गेश पाठक ने गुजरात पुलिस और IB पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया था.
  • साइबर क्राइम पुलिस ने जांच में पाया कि धमकी देने वाला मोबाइल नंबर किसी IB का नहीं बल्कि स्थानीय व्यक्ति का था.

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो अब पुलिस जांच तक पहुंच चुका है. कुछ दिनों पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नाम पर धमकाने का मुद्दा राजनीतिक स्तर पर गरमा गया था. लेकिन अब पुलिस जांच में इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया है.

इस पूरे मामले की शुरुआत 28 मई 2026 को हुई, जब AAP के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' पर पोस्ट कर गुजरात पुलिस और IB पर गंभीर आरोप लगाए. बाद में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इसे रीपोस्ट किया, जिससे मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आनंद साइबर क्राइम पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. तकनीकी सर्विलांस के जरिए जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी, उसकी जांच में पता चला कि वह किसी खुफिया अधिकारी का नहीं, बल्कि आनंद निवासी नितिन धीरूभाई डोबरिया के नाम पर रजिस्टर्ड था. पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वडोदरा शहर के AAP अध्यक्ष अशोक चंद्रकांत ओझा ने एक सोची-समझी साजिश के तहत नितिन डोबरिया को वडोदरा बुलाया था. इसके बाद पार्टी कार्यकर्ता केशवजी चौहान को फोन कर नितिन ने खुद को IB अधिकारी बताकर धमकाया.

इस मामले में पुलिस ने अशोक ओझा और नितिन डोबरिया को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की जा रही है. जांच में सामने आया कि केशवजी चौहान का संगठन में बढ़ता कद और नई जिम्मेदारियां ही इस साजिश की मुख्य वजह थीं. कुछ स्थानीय नेता इससे नाराज थे और उन्हें कमजोर करने के लिए डराने-धमकाने की योजना बनाई गई.

इस पूरे घटनाक्रम को पहले इस तरह पेश किया गया था, मानो सरकारी एजेंसियां विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही हों. लेकिन पुलिस जांच में स्पष्ट हो गया कि यह मामला पूरी तरह पार्टी की अंदरूनी कलह और आपसी प्रतिस्पर्धा से जुड़ा था. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है. इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर किए गए दावों और वास्तविकता के बीच का अंतर भी साफ हो गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है.

ये भी पढे़ं : दिल्ली में गिरी पांच मंजिला इमारत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका; NDRF ने शुरू किया रेस्क्यू

लेखक के बारे में
img
सौरभ वक्तानिया
Deputy Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gujarat AAP Internal Politics, IB Threat Call AAP Worker
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com