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साउथ ब्लॉक से अलविदा: 77 साल बाद PMO होगा ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट, यहीं से हुए मोदी सरकार के 5 बड़े फैसले

77 साल बाद पीएमओ साउथ ब्लॉक से नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो रहा है. साउथ ब्लॉक से नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ब्लैक मनी SIT बनाने जैसे बड़े फैसले हुए. यह इमारत भारत की प्रशासनिक और रणनीतिक विरासत की प्रतीक रही है.

साउथ ब्लॉक से अलविदा: 77 साल बाद PMO होगा ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट, यहीं से हुए मोदी सरकार के 5 बड़े फैसले
  • आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक छोड़कर नई इमारत सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो रहा है.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साउथ ब्लॉक से नोटबंदी कर काले धन और नकली नोटों पर प्रभावी कार्रवाई की थी.
  • साउथ ब्लॉक से सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे अहम सैन्य ऑपरेशनों की निगरानी और मंजूरी दी गई थी.
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नई दिल्ली:

आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक को छोड़कर शुक्रवार को नई इमारत ‘सेवा तीर्थ' में शिफ्ट होने जा रहा है. 1947 से आज तक यहीं से देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने काम किया और ऐसे अनगिनत फैसले लिए जिन्होंने भारत की दिशा और दशा बदल दी. साउथ ब्लॉक में पीएमओ के साथ विदेश और रक्षा मंत्रालयों के दफ्तर भी मौजूद रहे. यानी भारत की राजनीति, कूटनीति और सुरक्षा के बड़े फैसलों का यही केंद्र रहा.

शिफ्टिंग से पहले आइए जानें- पीएम नरेंद्र मोदी ने साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय से कौन‑कौन से पांच ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्होंने भारत के इतिहास में बड़ा बदलाव लाया.

1. नोटबंदी- काले धन पर सबसे बड़ी चोट (2016)

8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे पीएम मोदी ने साउथ ब्लॉक से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया. यह फैसला टेरर फंडिंग रोकने, काले धन पर चोट करने और नकली नोट समाप्त करने के उद्देश्य से लिया गया था. इसके बाद ही ₹500 और ₹2000 के नोट बाजार में आए और भारत की आर्थिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया.

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2. सर्जिकल स्ट्राइक- भारत की सैन्य नीति का नया रूप (2016)

उड़ी हमले में 19 जवानों के शहीद होने के बाद 29 सितंबर 2016 को भारत ने पहली बार LOC पार कर सर्जिकल स्ट्राइक को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया. साउथ ब्लॉक के वॉर रूम से पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की निगरानी की और सेना को मंजूरी दी. यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा नीति में निर्णायक मोड़ साबित हुई.

3. बालाकोट एयरस्ट्राइक- सीमा पार अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई (2019)

पुलवामा हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. ऑपरेशन का संपूर्ण प्लान और मॉनिटरिंग साउथ ब्लॉक से ही हुई. यह भारतीय वायुसेना का अब तक का सबसे बड़ा सीमा‑पार हमला माना जाता है.

4. किसान सम्मान निधि की किश्त जारी- तीसरी बार PM बनने के बाद पहला फैसला (2024)

तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी सीधे साउथ ब्लॉक पहुंचे और वहीं से किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की. यह किसानों के प्रति सरकार की प्राथमिकता का स्पष्ट संदेश था.

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5. काले धन पर SIT- पहली कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा निर्णय (2014)

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक साउथ ब्लॉक में हुई और यहीं से ब्लैक मनी SIT बनाने का फैसला हुआ. यह काले धन की जांच को संस्थागत रूप देने वाला पहला बड़ा कदम था. इसके साथ ही साउथ ब्लॉक की कैबिनेट में जीएसटी बिल को भी मंजूरी दे दी गई है.

क्यों ऐतिहासिक है साउथ ब्लॉक से विदाई?

साउथ ब्लॉक सिर्फ एक इमारत नहीं- यह भारत की शक्ति-संरचना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय निर्णयों, युद्धकालीन रणनीतियों, कूटनीतिक बैठकों और आर्थिक सुधारों का साक्षी रहा है. अब PMO का सेवा तीर्थ में जाना भारत की श्रेष्ठ आधुनिक प्रशासनिक इमारत की ओर कदम माना जा रहा है.

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