लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने अपने मास्टरस्ट्रोक के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों (Quota Bill For Economically Weak In General Category) को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है. लोकसभा के बाद यह बिल राज्यसभा से भी पास हो गया. राज्यसभा में लगभग 10 घंटे तक चली बहस के बाद हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 165, जबकि विरोध में सिर्फ 7 वोट पड़े. राष्ट्रीय जनता दल और AIADMK ने इस बिल का विरोध किया. लोकसभा चुनाव से पहले इसे मोदी सरकार की बड़ी जीत मानी जा रही है. राज्यसभा से बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने इसपर खुशी जताई. उन्होंने ट्वीट किया, 'राज्यसभा द्वारा 124वां संविधान संशोधन बिल पास किए जाने से खुश हूं. बिल को मिले व्यापक समर्थन को देखकर काफी प्रसन्नता हुई. सदन में इस पर काफी जीवंत बहस भी देखने को मिली, जहां कई सदस्यों ने अपनी व्यावहारिक राय रखी. बिल का संसद के दोनों सदनों में पास होना सामाजिक न्याय की जीत है. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा से बिल पास होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई दी. उन्होंने ट्वीट किया, 'आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने वाले विधेयक के राज्यसभा में पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी जी को हार्दिक बधाई और इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार.' बता दें कि इस विधेयक के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रस्ताव किया गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 जनवरी को इस बिल को मंजूरी दी थी.