Ganga Expressway News Today: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के तौर पर गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को होना है. इसी बीच यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्वांचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले एक और एक्सप्रेसवे की रफ्तार का गियर दबा दिया है. यह 22 जिलों को जोड़ने वाला गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे दिल्ली एनसीआर समेत 4 राज्यों के लिए क्रांति बनेगा. छह लेन का ये एक्सप्रेसवे 700 से 750 किलोमीटर लंबा है और आगे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कृषि भूमि पर बन रहा है. इसकी लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है.
गंगा एक्सप्रेस जहां यूपीडा ने बनाया है. वहीं गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बना रहा है. शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों से गुजरेगा. जबकि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को ही जोड़ता है. ये हरियाणा बॉर्डर के पास यूपी के शामली से नेपाल बॉर्डर के समानांतर गोरखपुर तक जाएगा. देश के प्रतिष्ठित अदाणी समूह ने गंगा एक्सप्रेसवे के चार में से तीन हिस्से तैयार किए हैं. 594 किलोमीटर में से 464 किलोमीटर की सड़क का निर्माण अदानी समूह को तरफ से किया गया है. ये सड़क सीमेंटेड नहीं बल्कि तारकोल से बनाई गई है. सीमेंटेड सड़क पर गर्मी के मौसम में हादसों को देखते हुए तारकोल वाली सड़क तैयार की गई है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.
यूपी-बिहार बॉर्डर से नेपाल तक जाएगा
इसमें वेस्ट यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और संभल जिले होंगे. वहीं रुहेलखंड और मध्य यूपी में रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी जिले जुड़ेंगे. पूर्वांचल में बहराइच, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिलों को जोड़ेगा. NHAI इस एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) फाइनल करने के साथ छोटे-छोटे चरणों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है. यूपीडा (UPEIDA) इस एक्सप्रेसवे के किनारे बिजनौर और मेरठ जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गलियारा के लिए भूमि का निरीक्षण कर रहा है. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2026 के आखिरी या 2027 के प्रारंभ में होने की संभावना है.

Ganga Expressway vs Shamli Gorakhpur Expressway
गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ेगा
शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे को गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जोड़े जाने की तैयारी है. इससे बंगाल समेत पूर्वोत्तर भारत (North-East) और यूपी, दिल्ली-NCR के बीच की दूरी कम हो जाएगी. अभी गोरखपुर से शामली जाने में 12-14 घंटे लगते हैं, जो इस एक्सप्रेसवे से महज 8-9 घंटे रह जाएगा.शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को नॉर्दर्न इकोनॉमिक कॉरिडोर नाम भी दिया गया है, जो यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों को सीधे कनेक्टिविटी के साथ पूरे पूर्वोत्तर को जोड़ेगा.
यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा
पूरा होने पर शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा. अभी यूपी के अधिकांश एक्सप्रेसवे जैसे यमुना, आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अवध या बुंदेलखंड को जोड़ते हैं. जबकि शामली एक्सप्रेसवे पहला ऐसा बड़ा कॉरिडोर है जो नेपाल बॉर्डर के किनारे तराई और पिछड़े जिलों बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर को जोड़ेगा.नेपाल बॉर्डर तक यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केंद्र बनेगा. यह हरियाणा (अंबाला और शामली की ओर से) को पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार बॉर्डर से पंजाब और हरियाणा के ट्रैफिक को बिना दिल्ली जाए कनेक्ट करेगा.
स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनेगा
इसके किनारे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे. चीनी मिल, फूड प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड स्टोरेज के लिए गेम चेंजर बनेंगे. यह एक्सप्रेसवे रास्ते में शहरों जैसे बरेली और शाहजहाँपुर के पास रिंग रोड और बाईपास के कनेक्ट होगा. ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होने से यह मौजूदा सड़कों को चौड़ा करने के बजाय बिल्कुल नए रास्ते पर बनाया जा रहा है. इसमें इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया जाएगा, जो सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए रियल टाइम निगरानी करेगा.यह कॉरिडोर गोरखपुर (गोरखनाथ मंदिर) और देवीपाटन शक्तिपीठ (बलरामपुर) जैसे दुधवा नेशनल पार्क के करीब से गुजरेगा.
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गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) की कनेक्टिविटी
- मेरठ-बुलंदशहर एक्सप्रेसवे: मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, दिल्ली से प्रयागराज का सफर आसान
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. गाजीपुर और बलिया तक सीधी पहुंच मिलेगी
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: इसे उन्नाव में इंटरचेंज के माध्यम से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव
- प्रयागराज-वाराणसी एक्सप्रेसवे: प्रयागराज छोर को वाराणसी और मेरठ छोर को हरिद्वार तक जोड़ने की योजना
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लिंक कॉरिडोर पर विचार
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शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का एक्सटेंशन
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: शामली में यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, उत्तराखंड, दिल्ली जाना आसान होगा.
- अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे: यह हरियाणा से आने वाले ट्रैफिक को सीधे यूपी के उत्तरी छोर में प्रवेश दिलाएगा.
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: गोरखपुर में यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा
- दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे: इसके पश्चिमी छोर को दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के फीडर से जोड़ने की योजना है
- कुशीनगर और बिहार बॉर्डर: गोरखपुर के आगे इसे कुशीनगर और फिर बिहार की सीमा तक जोड़ने का प्रस्ताव है
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