- NDTV India.AI Summit में ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक ने AI के भविष्य और जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा की.
- सुनक ने बताया कि AI उन्हें बेहतर फैसले लेने और अपनी बेटी के फिजिक्स टेस्ट में मदद करता है.
- उनकी बेटियां AI के साथ बातचीत में प्लीज और थैंक्यू कहती हैं ताकि तकनीक के प्रति विनम्रता बनी रहे.
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के बीच बुधवार को NDTV का भी AI समिट होटल ITC मौर्या में चल रहा है. NDTV India.AI Summit 2026 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य, जिम्मेदार उपयोग और इनोवशन पर बात की. NDTV के एडिटर इन चीफ राहुल कंवल के साथ हुई बातचीत में ऋषि सुनक ने कहा कि AI में देशों की तस्वीर बदलने की ताकत है. भारत में इसे लेकर अपार संभावनाएं हैं. भारत AI का सुपरपावर भी बन सकता है. इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपने घर में AI के इस्तेमाल के बारे में भी बताया.
सुनक ने बताया- AI को ‘प्लीज' और ‘थैंक्यू' बोलती हैं बेटियां
NDTV से बातचीत में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, "मेरी दोनों बेटियां जब इन मॉडलों और चैटबॉट का इस्तेमाल करती हैं तो वे बहुत विनम्र होती हैं. बातचीत के दौरान हमेशा 'प्लीज' और 'थैंक्यू' कहती हैं. मैंने उनसे कहा 'तुम्हें 'प्लीज' और 'थैंक्यू' कहने की जरूरत नहीं है. यह कोई इंसान नहीं है. इसमें बहुत ज्यादा कंप्यूटर पावर लगती है, इसलिए बेहतर होगा कि तुम इन शब्दों का इस्तेमाल न करो."
सुनक ने बताया बेटियां क्यों एआई को प्लीज और थैंक्यू कहती हैं?
इसके बाद सुनक ने अपनी बेटियों का जवाब बताते हुए कहा कि उन्होंने कहा, "पापा, अगर AI दुनिया पर कब्ज़ा कर ले तो हम AI के प्रति विनम्र रहना चाहेंगे." सुनक ने कहा कि मुझे लगा कि यह एक अच्छी व्यवस्था है. बेटियों के जवाब के जिक्र के बाद सुनक ने कहा कि मुझे लगता है कि यह इस बात को दर्शाता है कि लोगों को तकनीक पर भरोसा दिलाना कितना जरूरी है.
#NDTVIndAISummit | Former UK PM Rishi Sunak shares how AI helped him in ensuring that his daughter's revision is done well before her physics test @rishisunak @rahulkanwal @SPF_India @ShwetaRKohli pic.twitter.com/EqXflxQHV9
— NDTV (@ndtv) February 18, 2026
जानकार बोले- AI को इस बात से कोई फर्क नहीं कि कोई उसके साथ कितना विनम्र
वैसे ऋषि सुनक की बेटियां भले ही भविष्य में एआई के राज के डर से उसे प्लीज या थैंक्यू कहती हों, तकनीक के जानकार मानते हैं कि एआई अगर बेकाबू हुआ तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उसके साथ कितना विनम्र है. वो उसी तरह व्यवहार करेगा जैसा उसे ठीक लगेगा. NDTV की इसी AI समिट में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सेफ एंड इथिकल एआई के प्रेसिडेंट और बर्कले यूनीवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर स्टुअर्ट रसेल कहते हैं कि एआई मानव अस्तित्व के लिए खतरा है. ज्यादातर AI कंपनियों के CEO कहते हैं काश वे इसके विकास को रोक पाते.
सुनक ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि जैसे-जैसे सरकारें विकसित होती हैं, उन्हें यह क्षमता विकसित करनी चाहिए. हम लोगों पर यह जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकते कि वे अपना होमवर्क खुद जांचें. AI मशीनों को इस बात की परवाह नहीं होती कि इंसान क्या सोचते हैं? सुनक ने कहा कि यही बात एंथ्रोपिक या गूगल डीपमाइंड जैसी कंपनियों के लिए भी लागू होती है.
एआई सुरक्षा पर सुनक ने जताई दो चिंता
AI सुरक्षा की प्राथमिकता पर ऋषि सुनक ने कहा, मुझे दो चिंताएं हैं, पहली- इनमें से कई सेफ्टी इंजीनियर नौकरी छोड़कर जा रहे हैं. वो तरह-तरह के इमोशनल नोट्स लिख रहे हैं कि वे AI सुरक्षा पर काम करने के बजाय कविता लिखना पसंद करेंगे. दूसरी, यह उन कंपनियों में हो रहा है जो सेफ्टी में रुचि रखती हैं.
AI के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सरकार को रखना होगा ध्यानः सुनक
चीन, रूस जैसे देश जहां सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती, वहां AI जैसी उभरती तकनीकों का मिस यूज करने वाले लोगों को लेकर आप कितने चिंतित हैं? इस सवाल के जवाब पर ऋषि सुनक ने कहा कि बायोटेररिज्म यानी ऐसी अराजकता जिससे निपटना मानवता के लिए मुश्किल होगा, जैसे जोखिमों से निपटने के लिए हमारे पहले शिखर सम्मेलन में ध्यान केंद्रित किया गया था, क्योंकि यह नई तकनीक है.
सुनक ने कहा कि मुझे लगता है कि हर कोई देख सकता था कि यह कई अविश्वसनीय काम करने में सक्षम है. लेकिन लोग इसी बात को लेकर चिंतित थे कि दुनिया में हमेशा ऐसे बुरे तत्व मौजूद होते हैं जो ऐसे उद्देश्यों के लिए उपकरणों का उपयोग करेंगे, जिनसे हममें से कोई भी सहमत नहीं होगा. ऐसी स्थिति में मुझे लगता है कि सरकारों के पास इन मॉडलों की सुरक्षा को जांचने की पूरी क्षमता है.
ऋषि सुनक ने आगे कहा कि वास्तव में केवल सरकारें ही ऐसा कर सकती हैं, जैसा कि आपने कुछ जोखिमों, राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों, जैसे साइबर, जैव, रासायनिक, परमाणु, रेडियोलॉजिकल जोखिमों के बारे में बात की थी. सुनक ने आगे कहा कि हमारी सुरक्षा सेवाओं, खुफिया सेवाओं, रक्षा सेवाओं के पास इन जोखिमों को समझने की विशेष विशेषज्ञता और क्षमता है, और निश्चित रूप से यूके में हम यह सुनिश्चित करते हैं कि वे लोग उन संस्थान के साथ काम करें.
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