वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
- वित्त मंत्रालय अगले सप्ताह बजट सर्कुलर जारी करेगा और अक्टूबर से अन्य मंत्रालयों के साथ चालू वित्त वर्ष के लिए व्यय संशोधित अनुमान के लिए विचार-विमर्श शुरू करेगा.
- इस सर्कुलर में निर्धारित प्रारूप के साथ बजट आवश्यकता के बारे में वित्त मंत्रालय को जानकारी देने को लेकर समसीमा का जिक्र होगा. आजादी के बाद देश के सबसे बड़े कर सुधार जीएसटी को 1 जुलाई से लागू किया गया था.
- वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में अप्रत्यक्ष कर राजस्व अनुमान सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद और सर्विस टैक्स मद में दिखाया गया.
- एक अधिकारी ने कहा कि उत्पाद शुल्क और सेवा कर के जीएसटी में शामिल किए जाने के साथ वर्गीकरण में बदलाव आएगा.
- जीएसटी से राजस्व के लिए नए वर्गीकरण को अगले वित्त वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा.
- चालू वर्ष के लिए अकाउंटिंग के दो सेट पेश किए जा सकते हैं. इसमें एक अप्रैल-जून के दौरान उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क एवं सेवा कर से प्राप्त राशि तथा अन्य जुलाई-मार्च की अवधि के लिए जीएसटी एवं सीमा शुल्क मद होगा.
- अधिकारी ने कहा कि चूंकि जीएसटी दरों के बारे में निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद करेगी, ऐसे में 2018-19 के बजट में उत्पाद एवं सेवा कर से संबंधित कोई कर प्रस्ताव नहीं होगा.
- बजट में सरकार की नई योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ केवल प्रत्यक्ष कर (व्यक्तिगत आयकर तथा कॉरपोरेट टैक्स) के मामले में बदलाव के प्रस्ताव होंगे. इसके अलावा सीमा शुल्क का प्रस्ताव होगा.
- यह बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का 2019 में होने वाले आम चुनावों से पहले अंतिम पूर्ण बजट होगा.
- चुनावी वर्ष में सीमित अवधि के लिए जरूरी सरकारी खर्च को लेकर मंजूरी या लेखानुदान पेश किया जाता है और नई सरकार ही पूर्ण बजट पेश करती है.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Budget 2018-19, Arun Jaitley