"उस समय जो कश्मीर के हालात थे..." : नेहरू को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर फारूक अब्दुल्ला का पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 पर बुधवार को संसद में चर्चा के दौरान POK की समस्या के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया था.

नई दिल्ली:

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से जुड़े दो बिल जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक-2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक-2023 पर बुधवार को चर्चा हुई.  चर्चा के दौरान जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pok) की समस्या के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार बताया. गृहमंत्री के बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने पलटवार किया है. कश्मीर के पूर्व सीएम ने कहा कि नेहरू जी के काम को इन्होंने कभी भी कबूल नहीं किया है.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर के जो उसे समय के हालात थे उसे समय आप पैदा नहीं हुए थे. आप कहते हैं उस समय हम मुजफ्फराबाद क्यों नहीं गए. उस समय पुंछ और राजौरी को बचाने के लिए फौज को डाइवर्ट करना पड़ा ताकि पुंछ और राजौरी बच जाए. आज अगर पुंछ और राजौरी भारत का हिस्सा है तो इस मेहरबानी की वजह से है नहीं तो वह भी गया होता पाकिस्तान में.  

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यूएन में जाने के फैसले में माउंटबेटन और सरदार पटेल भी नेहरू के साथ थे.  सब की राय थी कि हमें यूएन में जाना चाहिए. अब यहां लोगों को झूठ बोल रहे हैं हम क्या करें उसे वक्त भारत की हालत ऐसी थी इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था. 

हमारे फौजी क्यों शहीद हो रहे हैं?- फारूक अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि कश्मीर में अगर दहशत का माहौल खत्म कर दिया गया तो बताएं वहां कितनी फौज है हर घर के बाहर एक फौजी है. यह मेरे वक्त में नहीं थी. अगर इतनी फौजी होकर भी हमारे फौजी शहीद हो रहे हैं तो क्या वजह है?  क्या आतंकवाद खत्म हो गया है बताइए?  जिन 3000 लोगों को मनमोहन सिंह ने नौकरी दी थी वह आज जम्मू में बैठे हुए हैं. वह भी वापस नहीं जा रहे हैं उनको भी अपनी जान का खतरा है. मेरे वक्त में भी कश्मीरी पंडितों को उनका हक दिया गया था गुर्जर बकरवाल को भी उनका हक दिया गया था.

अमित शाह ने संसद में क्या कहा था? 

लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कश्मीर पंडितों के लिए कुछ नहीं किया है, जबकि मौजूदा मोदी सरकार जो कर रही है; इतिहास उसे हमेशा याद रखेगा. अब मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर पर अब 370 से आगे निकल चुकी है और जल्द ही कुछ और बड़ा काम काम होने जा रहा है." शाह ने कहा, "पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pok) की समस्या पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Pt. Jawahar Lal Nehru) की वजह से हुई.पूरा कश्मीर हाथ आए बिना सीजफायर कर लिया था, वरना यह आज भारत का हिस्सा होता. नेहरू की गलती से पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) बन गया."

कश्मीर मुद्दा यूएन ले जाना गलती थी: अमित शाह

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर जवाब देते हुए अमित शाह ने जवाहर लाल नेहरू को कोट किया. गृह मंत्री ने कहा- "नेहरू ने शेख अब्दुल्ला को लिखा था कि कश्मीर मुद्दा यूएन ले जाना गलती थी." कांग्रेस समेत विपक्ष के हंगामे पर शाह ने कहा कि मैंने वही बात कही, जो खुद नेहरू ने अब्दुल्ला से कही थी. 

शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में महाराजा हरि सिंह ने विलय का निर्णय लिया था, तब से अब तक कई बदलाव हुए. वहां आतंकवाद का लंबा दौर चला. किसी ने विस्थापित लोगों की फिक्र नहीं की. जिनको फिक्र करनी थी, वो इंग्लैंड में छुट्टी मना रहे थे. अगर उस समय उनके लिए काम किया गया होता, तो वे विस्थापित नहीं हुए होते.

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