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6 years ago
नई दिल्ली:

Farmer Protest Update: किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें बिना शर्त बातचीत के लिए आमंत्रण भेजा था, बैठक के लिए दोपहर 3 बजे किसान नेता विज्ञान भवन पहुंचे. इस मीटिंग में 35 किसान नेता पहुंंचे हैं. इस बैठक से पहले किसानों के मुद्दों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता पार्टी अध्य्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर मंथन करने के लिए जुटे थे.गौरतलब है कि लाखों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर हैं. केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना आज छठवें दिन में प्रवेश कर गया है. इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा. 

राशन ही नहीं, कपड़े-साबुन से लेकर एंबुलेंस का इंतजाम : किसान लंबे आंदोलन को तैयार
भीषण ठंड के बावजूद किसान ((Farmers) केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे आंदोलन(Farmers Protest March) के लिए भी तैयार दिख रहे हैं. किसान अपने साथ ट्रैक्टर-ट्रालियों में राशन के अलावा, कपड़े-साबुन लाने के साथ एंबुलेंस और डॉक्टर का भी इंतजाम कर रखा है.पंजाब (Punjab) के कपूरथला जिले के किसानों का एक समूह अपने साथ एंबुलेंस, एक डॉक्टर और दवाओं का पूरा कार्टन लेकर आया है, ताकि ठंड के दौरान किसी भी किसान को कोई दिक्कत पेश आए तो तुरंत इलाज किया जा सके.
दिल्ली: किसानों के समर्थन में सिंघू बॉर्डर पर आईं बिलकिस दादी को वापस भेजा गया
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में कई महीनों तक चले प्रदर्शन का चेहरा रहीं बिलकिस दादी किसानों के समर्थन में सिंघू बॉर्डर पर पहुंची थीं, जहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
ऑल इंडिया किसान सभा के नेता बलदेव सिंह ने एनडीटीवी से कहा - आज की बैठक में यह तय किया गया है कि 3 दिसंबर से सरकारी मंत्रियों और किसान संगठन के नेताओं के बीच बातचीत जारी रहेगी. किसान संगठनों ने यह तय किया है कि सरकार के साथ बातचीत भी जारी रहेगी और हमारा आंदोलन भी चलता रहेगा जब तक कि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है.
बैठक अच्छी रही और हमने फैसला किया है कि वार्ता 3 दिसंबर को फिर होगी. हम चाहते थे कि एक छोटा समूह गठित किया जाए लेकिन किसान नेता चाहते थे कि वार्ता सभी के साथ हो, हमें इससे कोई समस्या नहीं है: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

किसान नेताओं और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा, 3 दिसंबर को होगा वार्ता का अगला दौर.

भारतीय किसान यूनियन (एकता ग्रहण) के नता रूप सिंह ने NDTV से कहा, 'भारत सरकार के साथ पहले दौर की बातचीत में भी एक छोटी समिति के गठन का प्रस्ताव किसान संगठनों के सामने रखा गया था लेकिन हमने उस प्रस्ताव को उसी समय रिजेक्ट कर दिया था. विशेष समिति गठन करने का प्रस्ताव हमें स्वीकार नहीं है. हम मांग करते हैं कि सरकार कृषि सुधार से जुड़े तीनों कानूनों को रद्द करे. सरकार अगर चाहे तो बल का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन हम अपने डिमांड से झुकने वाले नहीं हैं, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.'
सरकार के साथ बैठक में किसानों ने कहा, ' आप लोग ऐसा कानून लाये हैं जिससे हमारी ज़मीनें अडानी अम्बानी ले लेंगे, आप कॉर्पोरेट को इसमे मत लीजिए. अब समिति बनाने का समय नहीं है. आप कहते हैं कि आप किसानों का भला करना चाहते हैं, हम कह रहे हैं हमारा भला मत कीजिये.'
किसानों से बैठक में सरकार ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का सुझाव रखा. कृषि मंत्री तोमर ने किसान संगठनों से कहा कि 4 से 5 नाम अपने संगठन से दें. एक समिति बना देते हैं जिसमें सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे, नये कृषि कानून पर चर्चा करेंगे. इससे पहले सरकार ने एमएसपी और एपीएमसी ऐक्ट पर किसान प्रतिनिधियों के सामने प्रजेंटेशन दिया.
बीकेयू अध्यक्ष नरेश टिकैत बोले- सरकार ने दोपहर 3 बजे पंजाब के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया. बाद में, सरकार आज शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी. हम सभी मामले पर अंतिम निर्णय चाहते हैं.
केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक शुरू

केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक शुरू हो चुकी है. इस बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर , पीयूष गोयल और सोमप्रकाश (MOS industry) मौजूद हैं. बैठक में राजनाथ सिंह नहीं होंगे शामिल
किसानों के साथ बैठक से पहले कृषि मंत्री तोमर ने कहा, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे उनके मुद्दों को हल किया जा सकता है. उनकी सुनवाई के बाद सरकार समाधान पर पहुंचेगी.
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम प्रकाश आंदोलन कर रहे 30 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे : न्यूज एजेंसी PTI
केंद्र सरकार से बातचीत के लिए विज्ञान भवन पहुंचे किसान नेता
किसानों के बीच पहुंचे भीम आर्मी प्रमुख

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंचे
किसान आंदोलन को लेकर बोले सौरभ भारद्वाज

जिस तैयारी से किसान आए हैं, वो सोच कर आए हैं कि केंद्र सरकार इनकी बात आसानी से नहीं मानेगी. उनके पास 6 महीने का तेल, गैस, आटा, दाल, चावल हैं. वे इन तीनों क़ानूनों को वापस कराकर अपने घर जाएंगे. सरकार को इनसे खुले मन से बातचीत करनी चाहिए.
पंजाब किसान यूनियन के नेता अमरीक सिंह ने कहा 

पंजाब किसान यूनियन के नेता अमरीक सिंह ने NDTV से बात करते हुए कहा कि हम सरकार के सामने अपनी दो मांगें मुख्य तौर पर रखेंगे. पहली मांग कि तीनों कानून को तत्काल प्रभाव से वापिस लिया जाए और दूसरी मांग कि सरकार MSP की लीगल गारंट दे. उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा, हमारे पास साल भर का राशन है. 
मीटिंग में जाने से पहले NDTV से बोले पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलदू सिंह मानसा
 
किसान नेता सरकार संग बातचीत के लिए रवाना हो चुके हैं. NDTV से बात करते हुए पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलदू सिंह मानसा ने कहा कि हम बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं. ये पहले दौर की बातचीत है. हम अपना पूरा चार्टर सरकार को दे चुके हैं, हमारी मांग है कि तीनों किसान बिलों को वापस लिया जाए. मानसा ने कुछ संगठनों की नाराजगी के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि कल जो संगठन रह गए थे, उनको भी बातचीत में शामिल किया जाएगा. 
बुराड़ी के निरंकारी मैदान में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा- सरकार से उम्मीद नहीं

बुराड़ी के निरंकारी मैदान से कृषि कानून के खिलाफ डटे किसानों ने NDTV से बात करते हुए कहा कि हम सरकार से बहुत उम्मीद नहीं है क्योंकि सरकार की नियत ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि यह किसानों की नहीं पूजीपतियों की सरकार है. किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक कानून रद्द नहीं होगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.  

बुजुर्ग महिलाएं भी किसानों के साथ प्रदर्शन में जुड़ी

जीटी करनाल रोड पर किसानों के एक जत्थे के साथ कुछ बुजुर्ग महिलाएं भी दिखाई दीं. ये महिलाएं प्रदर्शन कर रहे युवाओं के लिए खाना बना रही हैं. महिलाओं ने NDTV से बातचीत करते हुए कहा कि हमें यहां रुकने पर कोई तकलीफ नहीं है. जब तक ये कानून वापस नहीं होगा तब तक हम भी यहीं रहेंगे. 
पंजाब के किसान संगठन ने कृषि कानूनों पर केंद्र के साथ बैठक में हिस्सा लेने से किया इनकार

पंजाब के किसानों के संगठन किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (केएमएससी) ने कृषि कानूनों पर केंद्र द्वारा बुलायी गयी बैठक में भाग लेने से मंगलवार को मना कर दिया और वार्ता के लिए सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाने की मांग की. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कोविड-19 महामारी और ठंड का हवाला देते हुए सोमवार को किसान संगठनों के नेताओं को तीन दिसंबर के बजाए मंगलवार को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था. 

किसानों की मीटिंग खत्म

सरकार के साथ बातचीत से पहले चल रही किसान संगठन की बैठक खत्म हो चुकी है. बीकेयू पंजाब के अध्यक्ष जगजीत सिंह ने NDTV से बातचीत में बताया कि हम मीटिंग के लिए जा रहे हैं. सयुंक्त किसान मोर्चा के तीन लोग भी सरकार के साथ बातचीत के लिए जाएंगे. इस तरह कुल 35 लोग मीटिंग में हिस्सा लेंगे. उन्होंने बताया कि हम सरकार से कृषि बिल को रद्द करने के लिए मांग करेंगे. साथ ही MSP पर भी कानून बनाने की अपील करेंगे. जगजीत सिंह ने साफ किया कि अगर हमारी बातें नहीं मानी जाएंगी तो आंदोलन जारी रहेगा. 

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली कूच करेंगे बुंदेलखंड के किसान: संगठन

केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए बुंदेलखंड़ के करीब 500 किसान निजी साधनों से बृहस्पतिवार को दिल्ली कूच करेंगे। यह जानकारी एक किसान संगठन के पदाधिकारी ने दी. 
पांच दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को शांत कराने की कोशिश में केंद्र सरकार ने मंगलवार को किसान संगठनों से बातचीत करने की तैयारी की है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलाई गई है. 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है. हालांकि, इसके पहले कई किसान संगठनों ने सुबह 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है.
सीमा सुरक्षा बल के स्थापना दिवस समारोह में भाग नहीं लेंगे गृहमंत्री शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुछ ''आवश्यक आधिकारिक कार्य'' के कारण मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे.अधिकारियों ने इस आशय की जानकारी दी। शाह को सीमा सुरक्षा बल के 56वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था. 
'दिल्ली चलो' प्रदर्शन: केन्द्र के बातचीत के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए किसान संगठनों ने बुलाई बैठक

नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने केन्द्र के वार्ता के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को एक बैठक बुलाई है. कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सोमवार को कोविड-19 और ठंड का हवाला देते हुए किसान संगठनों के नेताओं को तीन दिसम्बर की बजाय मंगलवार को ही बातचीत के लिए बुलाया था. किसान नेता बलजीत सिंह महल ने कहा, '' केन्द्र का प्रस्ताव स्वीकार करें या नहीं, इस पर चर्चा के लिए हम आज एक बैठक कर रहे हैं.'
प्रदर्शन कर रहे किसानों की बात सुने केंद्र: विजयन ने की अपील

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने केंद्र सरकार से मंगलवार को अपील की कि वह नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की बात ''सुने'' और मैत्रीपूर्ण तरीके से मामले को सुलझाए. विजयन ने एक ट्वीट में किसानों को देश का ''जीवन आधार'' बताया और कहा कि यह उनके साथ खड़े रहने का समय है. 

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