विज्ञापन
This Article is From Jan 11, 2023

EXCLUSIVE: रोक के बावजूद रात के अंधेरे में जोशीमठ में काटे जा रहे हैं पहाड़

जोशीमठ में भारी मशीनों से पहाड़ों को काटने का काम लगातार जारी है. धंसान के बीच पहाड़ काटने की ये गतिविधि काफी घातक साबित हो सकती है.

जमीन धंसने से जोशीमठ में अब तक 723 घर प्रभावित हुए हैं.
जोशीमठ:

उत्तराखंड के जोशीमठ में मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी निर्माण कार्य, हाईवे पर चल रहे काम और एनटीपीसी (NTPC) में निर्माण की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. लेकिन रोक के बावजूद जोशीमठ में रात के अंधेरे में भारी मशीनों से पहाड़ काटे जा रहे हैं.

मशीनों की आवाज कई किलोमीटर तक सुनी जा सकती है. जोशीमठ में हो रहे धंसान के बीच पहाड़ काटने की ये गतिविधि काफी घातक साबित हो सकती है.

भारी मशीनों से पहाड़ों को काटने का काम लगातार जारी है. जबकि जोशीमठ हर रोज धंस रहा है. किसी भी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक है. लेकिन पुलिस-प्रशासन के नाक के नीचे ये काम हो रहा है.

जोशीमठ में दरारें आने के बाद सरकार ने इस इलाके को एक भूस्खलन-धंसाव क्षेत्र घोषित किया है. निर्माण कार्य रोके जाने के साथ ही क्षतिग्रस्त घरों में रहने वाले लोगों को अस्थायी राहत केंद्रों में ले जाया जा रहा है.

जोशीमठ में दरार पड़ने और जमीन धंसने से प्रभावित घरों की संख्या 723 हो गई है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चमोली इकाई ने यह जानकारी दी. प्रभावित इलाकों में 86 घरों को असुरक्षित चिह्नित किया गया है. जिला प्रशासन ने ऐसे घरों के बाहर लाल निशान लगा दिए हैं.

जोशीमठ के लोग अब भी पुनर्वास और मुआवजे को लेकर गुस्से में हैं. हालांकि प्रभावित मकानों के मालिकों को राज्य सरकार ने 4000 रुपये प्रति महीना देने का ऐलान किया है.

लेखक के बारे में
img
सौरभ शुक्ला
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mountains Are Being Cut In Joshimath, Joshimath Cracks, Joshimath Disaster, Joshimath News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com