विज्ञापन

पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाना सुनिश्चित करें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाने के नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाना सुनिश्चित करें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पीड लिमिटिंग को लेकर निर्देश दिए हैं.

सार्वजनिक परिवहन वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) या स्पीड लिमिटिंग फंक्शन (SLF) लगाने के नियमों के प्रभावी पालन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अहम निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और केवल नियम बना देना पर्याप्त नहीं है.

अदालत ने सरकार से पूछा अहम सवाल

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब कानून और नियम सरकार ने बनाए हैं तो उनके पालन के लिए अदालत के निर्देश की जरूरत क्यों पड़ रही है. पीठ ने स्पष्ट कहा कि ये वैधानिक प्रावधान और नियम हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए.

नियम 118 के तहत अनिवार्य है SLD और SLF

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR) के नियम 118 के तहत अधिसूचित परिवहन वाहनों में निर्माण के समय या डीलरशिप स्तर पर स्पीड लिमिटिंग डिवाइस अथवा स्पीड लिमिटिंग फंक्शन लगाया जाना अनिवार्य है. इसके बावजूद कई जगहों पर नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है.

फिटनेस जांच में भी होगा सत्यापन

अदालत ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 56 और CMVR के नियम 189 के तहत ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान यह भी सत्यापित किया जाना चाहिए कि संबंधित वाहन में SLD या SLF लगा हुआ है या नहीं.

सड़क हादसों पर जताई चिंता

सड़क सुरक्षा समिति के एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ वकील गौरव अग्रवाल ने अदालत को बताया कि ट्रकों सहित सार्वजनिक परिवहन वाहनों की तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है. उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों के बावजूद कई वाहन निर्माता निर्माण के समय SLD लगाने की जिम्मेदारी का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे हैं.

वाहन की डिलीवरी से पहले होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को नियम 118 के पालन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया. अदालत ने कहा कि केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे वाहन की बिक्री और डिलीवरी के समय ही यह सुनिश्चित हो सके कि उसमें SLD या SLF लगा हुआ है. कोर्ट ने कहा कि सत्यापन की व्यवस्था कैसी होगी यह संबंधित प्राधिकरण तय करेंगे लेकिन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें- चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को SC से राहत, कहा- अच्छी एक्टिंग करते है, उम्मीद हैं कोर्ट में नहीं करेंगे

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court News, Public Transport, Road Accident
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com