- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दिया है
- नीट पेपर लीक के खिलाफ बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठा रहे थे
- छात्रों के आंदोलन के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दल भी पेपर लीक की जांच की मांग कर रहे थे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है. इस मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तमाम विपक्षी दल भी यही मांग कर रहे थे. सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच आज तीसरे दौर की वार्ता होनी थी और उससे पहले ही शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो गया है. उनके इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक जश्न मनाते दिखे.
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'मेरे युवा साथियों. मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.'
इसके आगे वह लिखते हैं कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया. पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास किए गए. इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इसके साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई.'
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प्रधान ने इस्तीफे में लिखा- मैंने कभी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा
शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए प्रधान ने लिखा कि पहले ही दिन से इस पर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे. इसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली. इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
'पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से मन दुखी, मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा कुछ नहीं'
धर्मेंद्र प्रधान ने खुद के दुखी होने की बात भी कही. प्रधान ने लिखा, 'मैं सदैव प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं. वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं. पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे. यही मेरा संकल्प है.
राष्ट्रविरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, इसलिए इस्तीफा दिया: धर्मेंद्र प्रधान
उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है. इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे. हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा. प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।
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