ईके पलानीस्वामी को एआईएडीएमके का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है
चेन्नई:
- AIADMK की जनरल काउंसिल ने निर्णय में कठिनाई और असंतोष का हवाला देत हुए कोआर्डिनेटर और ज्वाइंट कोआर्डिनेटर के पदों को खत्म कर दिया है. इन पदों को क्रमश: ओ पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी संभाल रहे थे.
- ढाई हजार से अधिक सदस्यों वाली जनरल काउंसिल ने ईके पलानीस्वामी को सर्वोच्च नेता के रूप में पार्टी को चलाने का अधिकार दिया है.
- ईपीएस और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने ओपीएस पर सत्ताधारी डीएमके शासन का पक्ष लेने और एआईडीएम को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
- अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि डेढ़ करोड़ पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हे कोआर्डिनेटर के तौश्र पर चुना गया था और न तो ईपीएस और न ही किसी अन्य नेता को उन्हें निष्कासित करने का अधिकार है. पन्नीरसेल्वम ने चेतावनीभरे लहजे में कहा, 'मैं इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा.'
- बैठक में पार्टी ने औपचारिक रूप से महासचिव के चुनाव के लिए चार माह में संगठनात्मक चुनाव कराने का संकल्प लिया. कई उपनियमों में संशोधन किया गया है जिसमें पार्टी के शीर्ष पद पर लड़ने के लिए नए मानदंड शामिल हैं.
- इन नियमों से एक में कहा गया है कि पार्टी की 10 साल की प्राथमिक सदस्यता वाला व्यक्ति ही चुनाव लड़ सकता है.
- मद्रास हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद जनरल काउंसिल की मीटिंग शुरू हुई थी. हाईकोर्ट ने ने राजनीतिक दल के झगड़े में अदालत के हस्तक्षेप नहीं करने की बात पर बरकरार रहते हुए अन्नाद्रमुक नेता एवं पूर्व समन्वयक ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) की जनरल काउंसिल की बैठक के संचालन पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी थी.
- अदालत ने जनरल काउंसिल बैठक को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका को भी खारिज कर दिया था. न्यायाधीश ने कहा कि कानून के अनुसार बैठक की जा सकती है.
- अदालत के इस फैसले के बाद, अन्नाद्रमुक की जनरल काउंसिल की बैठक का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने किया.
- बैठक में सोमवार को ई. के. पलानीस्वामी को अंतरिम महासचिव चुने जाने के बाद, पार्टी के नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया.
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