- ED ने अवैध सट्टेबाजी मामले में कांग्रेस नेता समेत कई आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की
- King567, Play567, Playwin567 जैसे अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा
- ED ने कई राज्यों में 60 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी कर नकद, सोना, गहने, लग्जरी वाहन और डिजिटल उपकरण जब्त किए
ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 20 फरवरी 2026 को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के बड़े मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला मुख्य आरोपी कांग्रेस नेता केसी वीरेंद्र से जुड़ा है, जो पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. ED ने इस केस में प्रुथ्वी एन. राज, केसी थिप्पेस्वामी, गुलशन खट्टर, अर्जुन नागभूषण, अभिजीत सज्जन और कई कंपनियों Fonepaisa Payment Solutions Pvt. Ltd., Puppy's Tours and Travels LLP और Logicforge Solutions Pvt. Ltd. को भी आरोपी बनाया है.
FIR के आधार पर शुरू हुई जांच, अवैध प्लेटफॉर्म्स उजागर
ED ने जांच कई राज्यों में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. इन FIR में आम लोगों से धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और उगाही के आरोप थे। जांच में सामने आया कि King567, Play567, Playwin567, Gamexch जैसे अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए. इन वेबसाइट्स के जरिए पैसा अलग-अलग पेमेंट गेटवे, फर्जी (म्यूल) बैंक खातों, विदेशी कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से इधर-उधर घुमाया गया, विदेशों में भी पैसा भेजा गया.
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60 से ज्यादा लोकेशंस पर छापेमारी
ED ने PMLA के तहत कर्नाटक और दूसरे राज्यों में 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की. छापों में भारी मात्रा में नकद पैसा, सोने की ईंटें (Gold Bullion), सोना-चांदी के गहने, लग्जरी गाड़ियां, डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज जब्त किए गए. ED ने 29 जनवरी 2026 को करीब 177.30 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच की। अब तक इस केस में 320 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त और अटैच की जा चुकी है.
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2,300 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई की पहचान
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जांच में अब तक 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की पहचान की गई है. मामले की जांच में पता चला है कि आरोपी लोगों ने दुबई समेत विदेशों में भी संपत्ति खरीदी. इसके अलावा बड़े पैमाने पर क्रिप्टो एसेट्स में भी लेन-देन किया गया. ED का कहना है कि मामला अभी भी जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं. यह मामला देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और डिजिटल मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें देश-विदेश तक फैला पैसों का खेल सामने आया है.
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