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This Article is From Jul 10, 2017

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा भारती को जारी किया समन

फर्जी कंपनियों की संलिप्तता वाली मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 8 जुलाई को मीसा और उनके पति शैलेश के दिल्ली स्थित तीन परिसरों और उनसे संबद्ध एक कंपनी पर छापे मारे गए थे.

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा भारती को जारी किया समन
मीसा भारती की फाइल तस्वीर
  • मीसा को मंगलवार को जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया
  • उन्हें उनके निजी वित्तीय लेनदेन सहित कुछ दस्तावेज भी लाने के लिए कहा गया
  • ईडी ने मीसा और उनके पति के खिलाफ हाल ही में छापा मारा था
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजद सांसद मीसा भारती को समन जारी किया है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मंगलवार को नई दिल्ली में पेश होने के लिए कहा गया है. उन्होंने बताया कि मीसा को उनके निजी वित्तीय लेनदेन सहित कुछ दस्तावेज भी लाने के लिए कहा गया है. उनके पति शैलेश कुमार को भी इस मामले में तलब किए जाने की संभावना है.

फर्जी कंपनियों की संलिप्तता वाली मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 8 जुलाई को केंद्रीय जांच एजेंसी ने मीसा, शैलेश के दिल्ली स्थित तीन परिसरों और उनसे संबद्ध एक कंपनी पर छापा मारा था. भ्रष्टाचार के एक मामले में एक दिन पहले ही सीबीआई ने राजद प्रमुख और उनके परिवार के कई परिसरों में छापा मारा था.

मीसा, उनके पति के नाम से पंजीकृत तीन फार्म हाउसों और मिशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में ईडी ने तलाशी ली. मीसा और उनके पति इस कंपनी के अतीत में कथित तौर पर निदेशक थे. निदेशालय अब मीसा से पूछताछ करना चाहता है और जब्त किए गए दस्तावेजों के बारे में भी उनसे सवाल-जवाब करना चाहता है.

ताजा समन और तलाशी 8000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबद्ध है, जो ईडी ने दिल्ली आधारित कारोबारी बंधु - सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन तथा अन्य के खिलाफ की है. इन्होंने 90 फर्जी कंपनियों के जरिये कथित तौर पर करोड़ों रुपये का धन शोधन किया. निदेशालय धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक मामले में जैन बंधुओं को पहले ही गिरफ्तार कर चुका है. जांच एजेंसी ने बताया कि इसने पता लगाया है कि इसने मिशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के 1,20,000 शेयर साल 2007-08 के दौरान 100 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदे गए थे. इसे चार फर्जी कंपनियों - शालिनी होल्डिंग्स लिमिटेड, एड फिन कैपिटल सर्विसेड (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मणि माला दिल्ली प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था.

जांच एजेंसी ने बताया कि इन 1,20,000 शेयर को मीसा ने 10 रुपये प्रति शेयर की दर से वापस खरीद लिया. लालू परिवार की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाला प्रवर्तन निदेशालय तीसरी केंद्रीय एजेंसी है. वहीं, सीबीआई और आयकर विभाग ने अपनी जांच के तहत हाल ही में करीब 180 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति कुर्क की थी.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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Misa Bharti, Enforcement Directorate, Money Laundering
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