ED Attached Anil Ambani Group Property: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक और बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामले में 1,021 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां अटैच कर दी हैं. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है. इस नई कार्रवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ ईडी द्वारा अब तक अटैच की गई कुल संपत्तियों की कीमत 20,367 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
क्या है मामला?
ईडी के मुताबिक इस पूरे मामले की जांच सीबीआई द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. ये एफआईआर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कई बैंकों की शिकायतों के बाद दर्ज की गई थीं. जांच में अब तक सामने आया है कि RHFL और RCFL ने बैंकों और अन्य संस्थानों से जुटाए गए करीब 15,548 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन को सुनियोजित तरीके से डायवर्ट किया. जांच एजेंसी का आरोप है कि यह पैसा शेल कंपनियों और रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी कई कंपनियों के नेटवर्क के जरिए इधर-उधर भेजा गया.
ED attaches fresh properties worth Rs.1,021 Crore in the RHFL/RCFL case taking total attachments in Reliance Anil Ambani Group cases to Rs.20,367 Crore. SIT constituted by ED as per direction of Hon'ble Supreme Court is investigating several cases against Reliance Anil Ambani… pic.twitter.com/cSR0e0VpXQ
— ED (@dir_ed) July 11, 2026
इस बार ये एक्शन हुआ
ईडी के मुताबिक इस बार जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर शामिल हैं. इसके अलावा सासन पावर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड से मिलने वाली कुछ लोन राशि (Loan Receivables) को भी अटैच किया गया है. एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अपराध की कमाई से जुड़ी हुई हैं.
अब तक 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी
जांच एजेंसी ने बताया कि रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ फिलहाल PMLA के तहत चार केस दर्ज हैं, जबकि FEMA के तहत तीन अलग-अलग मामले भी दर्ज किए गए हैं. इन मामलों की जांच के दौरान ईडी अब तक 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. इन छापों में बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम सबूत जुटाए गए हैं.
4 चार्जशीट अदालत में दाखिल
ईडी ने यह भी बताया कि PMLA के तहत अब तक चार चार्जशीट अदालत में दाखिल की जा चुकी हैं, जबकि FEMA के तहत एक शिकायत भी दायर की गई है. इसके अलावा FEMA के प्रावधानों के तहत 77.86 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं.
8 वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में जांच एजेंसी अब तक रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के आठ वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी के मुताबिक सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच अभी भी जारी है.
आगे क्या?
ईडी ने अपने बयान में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एक विशेष जांच दल (Special Investigation Team - SIT) का गठन किया गया है. यह एसआईटी इन मामलों की तेजी से जांच कर रही है और धन के कथित दुरुपयोग, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है. जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला देश के सबसे बड़े वित्तीय अनियमितता और बैंकिंग फंड डायवर्जन मामलों में से एक है. जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और भी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.
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