
प्रतीकात्मक फोटो.
नई दिल्ली:
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को एक्सिस बैंक के चार्टड एकाउंटेंट राजीव सिंह को गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि वह पैसे का हेरफेर कर रहा था. नोटबंदी के बाद काले पैसे को सफेद किस-किस तरह से किया जा रहा है, इसके नए-नए उदाहरण रोज सामने आ रहे हैं. ईडी की मानें तो आजकल बैंकों में हवाला हो रहा है.
बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने एक्सिस बैंक के चार्टड एकाउंटेंट राजीव सिंह को गिरफ्तार किया. राजीव सिंह पर एक फर्जी कंपनी के जरिए 49 करोड़ के काले धन को सफेद करने का आरोप है. ईडी को शक है कि इस काम में बैंकों के अंदर कई लोग लगे हुए हैं और इसमें हवाला रूट का पैसा आ रहा है. उसने देश के दस बैंकों की पचास शाखाओं में आज तलाशी अभियान चलाया. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, लखनऊ, गोवा, चंडीगढ़ और जयपुर में यह जांच-पड़ताल दिन भर चलती रही.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक की जांच में सामने आया है कि कई बैंक एकाउंटों में पैसा जमा किया गया और जल्द ही उसे दूसरे एकाउंटों में ट्रांसफर कर दिया गया है. कई ऐसे एकाउंट हैं जिनमें शेल कम्पनियां बनाकर पैसा इधर से उधर किया जा रहा है. यानी संदेह है कि बैंकों का इस्तेमाल हवाला कारोबार के लिए किया जा रहा है.
ईडी के मुताबिक इन हवाला ऑपरेटरों ने मौजूदा कानून के तहत ही इसका मोडस आपरेंडी बना लिया है. पैसा एक बैंक एकाउंट में जमा हुआ जो कि एक शेल कम्पनी का एकाउंट है. जल्द ही उसे दूसरे एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया. यानी दूसरी शेल कम्पनी में. इसके बाद पैसा निकालकर बुलयन डीलर के जरिए सोने के बार खरीदकर उन्हें असली मालिक को दे दिया गया.
यही नहीं ईडी की मानें तो बैंक के अधिकारी जानबूझकर कुछ लोगों को किसी और के पहचान पत्र के आधार पर तय लिमिट से ज्यादा पैसा दे रहे हैं. ईडी बैंक के ऑडिटरों की भी मदद ले रहा है ताकि उन बैंक एकाउंटों की पहचान हो सके जहां ज्यादा पैसे का लेनदेन हुआ. यही नहीं ईडी कई बैंकों से सीसीटीवी फुटेज भी ले रहा है ताकि जांच जल्दी की जा सके.
बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने एक्सिस बैंक के चार्टड एकाउंटेंट राजीव सिंह को गिरफ्तार किया. राजीव सिंह पर एक फर्जी कंपनी के जरिए 49 करोड़ के काले धन को सफेद करने का आरोप है. ईडी को शक है कि इस काम में बैंकों के अंदर कई लोग लगे हुए हैं और इसमें हवाला रूट का पैसा आ रहा है. उसने देश के दस बैंकों की पचास शाखाओं में आज तलाशी अभियान चलाया. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, लखनऊ, गोवा, चंडीगढ़ और जयपुर में यह जांच-पड़ताल दिन भर चलती रही.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक की जांच में सामने आया है कि कई बैंक एकाउंटों में पैसा जमा किया गया और जल्द ही उसे दूसरे एकाउंटों में ट्रांसफर कर दिया गया है. कई ऐसे एकाउंट हैं जिनमें शेल कम्पनियां बनाकर पैसा इधर से उधर किया जा रहा है. यानी संदेह है कि बैंकों का इस्तेमाल हवाला कारोबार के लिए किया जा रहा है.
ईडी के मुताबिक इन हवाला ऑपरेटरों ने मौजूदा कानून के तहत ही इसका मोडस आपरेंडी बना लिया है. पैसा एक बैंक एकाउंट में जमा हुआ जो कि एक शेल कम्पनी का एकाउंट है. जल्द ही उसे दूसरे एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया. यानी दूसरी शेल कम्पनी में. इसके बाद पैसा निकालकर बुलयन डीलर के जरिए सोने के बार खरीदकर उन्हें असली मालिक को दे दिया गया.
यही नहीं ईडी की मानें तो बैंक के अधिकारी जानबूझकर कुछ लोगों को किसी और के पहचान पत्र के आधार पर तय लिमिट से ज्यादा पैसा दे रहे हैं. ईडी बैंक के ऑडिटरों की भी मदद ले रहा है ताकि उन बैंक एकाउंटों की पहचान हो सके जहां ज्यादा पैसे का लेनदेन हुआ. यही नहीं ईडी कई बैंकों से सीसीटीवी फुटेज भी ले रहा है ताकि जांच जल्दी की जा सके.