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This Article is From May 15, 2023

हिंद महासागर में जहाज से जब्त की गई ड्रग्स की कीमत 25,000 करोड़ रुपये : एंटी-ड्रग एजेंसी

एनसीबी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल 2,525 किलोग्राम ड्रग्स की जब्ती होने की पुष्टि की गई है और इसकी कीमत 25,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.

हिंद महासागर में जहाज से जब्त की गई ड्रग्स की कीमत 25,000 करोड़ रुपये : एंटी-ड्रग एजेंसी
जब्त की गई ड्रग्स 134 बोरियों में पैक थीं.
कोच्चि:

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और भारतीय नौसेना द्वारा शनिवार को समुद्र में एक विशेष अभियान में जब्त की गई ड्रग्स की कीमत 25,000 करोड़ रुपये आंकी.  NCB अधिकारियों के अनुसार, NCB और भारतीय नौसेना द्वारा जब्त की गई हाई क्वालिटी वाली मेथामफेटामाइन की गणना पूरी हो चुकी है. एनसीबी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल जब्ती 2,525 किलोग्राम होने की पुष्टि की गई है और इसकी कीमत 25,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.

अधिकारियों ने आगे बताया कि 23 घंटे में गणना पूरी हो गई. अधिकारियों में से एक ने कहा, "ये कीमत इसलिए अधिक हो गई क्योंकि यह उच्च ग्रेड मेथामफेटामाइन है. जब्त की गई ड्रग्स 134 बोरियों में थीं. मेथामफेटामाइन को एक किलो के पैकेट में रखा गया था." इस संबंध में एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि उन्हें आज शाम कोर्ट में पेश किया जाएगा. शनिवार को, NCB ने एक विशेष अभियान में भारतीय जल क्षेत्र में लगभग 2,500 किलोग्राम वर्जित दवाएं जब्त कीं.

उप महानिदेशक (ऑप्स) संजय कुमार सिंह ने कहा कि यह मौद्रिक मूल्य के मामले में सबसे बड़ी खेप है. एएनआई से बात करते हुए, सिंह ने कहा, "एनसीबी और नौसेना ने हिंद महासागर में एक सफल ऑपरेशन किया. यह अपने मौद्रिक मूल्य के मामले में सबसे बड़ी खेप है. इसकी उत्पत्ति ईरान के चाबहार बंदरगाह से हुई थी. जिसका स्रोत पाकिस्तान है." सिंह ने आगे कहा कि यह खेप श्रीलंका, मालदीव और भारत के लिए थी.

इसके साथ ही उन्होंने बताया, "मदर शिप को समुद्र में विभिन्न बिंदुओं पर तैनात किया जा रहा था. जहां से छोटी नावें विभिन्न देशों से जाएंगी और मुख्य जहाजों से खेप एकत्र करेंगी. यह खेप श्रीलंका, मालदीव और भारत के लिए थी. इस मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है."  उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पिछले साल फरवरी में शुरू किया गया था और ऑपरेशन के हिस्से के रूप में, टीम ने लगभग 4,000 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त किए हैं.

सिंह ने कहा, "हमने फरवरी 2022 में ऑपरेशन समुद्रगुप्त शुरू किया था, उस ऑपरेशन के हिस्से के रूप में हमने लगभग 4,000 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त किए हैं." 'समुद्रगुप्त' नामक ऑपरेशन की प्रारंभिक सफलता फरवरी 2022 के महीने में हासिल की गई थी जब NCB और भारतीय नौसेना की एक संयुक्त टीम ने 529 किलोग्राम हशीश, 221 किलोग्राम मेथमफेटामाइन और 13 किलोग्राम हेरोइन समुद्र तट से दूर गहरे समुद्र में जब्त की थी. ये सभी गुजरात, बलूचिस्तान और अफगानिस्तान से मंगाए गए हैं.

'ऑपरेशन समुद्रगुप्त' के जब्ती हिस्से में अफगानिस्तान से आने वाली दवाओं की समुद्री तस्करी को लक्षित किया गया था. हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री मार्ग पर हेरोइन और अन्य दवाओं की समुद्री तस्करी से होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे को भांपते हुए, NCB के महानिदेशक ने संजय कुमार सिंह, उप महानिदेशक (ऑपरेशन), NCB की अध्यक्षता में ऑपरेशन समुद्रगुप्त लॉन्च किया और इसमें अधिकारी शामिल थे. 

ऑपरेशन का प्राथमिक उद्देश्य कार्रवाई योग्य इनपुट एकत्र करना था, जिससे नशीले पदार्थों को ले जाने वाले जहाजों पर रोक लगाई जा सके. इस कार्य के लिए, टीम ने ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे DRI, ATS गुजरात और खुफिया एजेंसियों जैसे कि भारतीय नौसेना के इंटेलिजेंस विंग, NTRO आदि से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया और जानकारी एकत्र की.

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