- एक वर्ष में पांच या उससे अधिक मोटर वाहन नियम उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा.
- क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ड्राइवर को सुनने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का निर्णय लेगा.
- नए नियमों के तहत ई‑चालान के आधार पर भी ड्राइविंग लाइसेंस सीधे रद्द किया जा सकता है.
अब अगर साल में 5 बार से ज्यादा बार यातायात के नियमों को तोड़ते हैं तो आपकी ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड हो जाएगा. मोटर वाहन नियम में एक संशोधन के जरिए इस नए नियम को जोड़ा गया है. हालांकि, लाइसेंसिंग प्राधिकरण ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन करने से पहले चालक की बात भी सुनेगा.
इस संशोधन में कहा गया है कि एक साल मोटर वाहन नियमों के पांच या उससे अधिक प्रावधानों को तोड़ा गया तो उसको DL के लिए अयोग्य माना जाएगा. सड़क परिवहन का मानना है कि आदतन गलत गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को इसके ज़रिए रोका जा सकता है.
5 बार तोड़े नियम तो लाइसेंस होगा सस्पेंड
फिलहाल 24 ऐसे प्रावधान हैं जिनमें से एक साल के भीतर अगर पांच प्रावधानों को तोड़ते हैं तो आपका DL निलंबित हो सकता है. इनमें किसी की गाड़ी को चुराना, किसी गाड़ी की सवारी से झगड़ा करना, स्पीड लिमिट से ज्यादा गति से वाहन चलाना, ओवर लोडिंग या सार्वजनिक जगहों पर गाड़ी को खड़ी करना. हेल्मेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट या सिग्नल तोड़ने जैसे कोई भी पांच नियमों को तोड़ने पर DL निलंबित हो सकता है.
कौन कर सकता है फैसला
ये फैसला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) या जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) ले सकता है. नियमों में यह भी कहा गया है कि लाइसेंसिंग प्राधिकरण को लाइसेंस इसके धारक को सुनने का अवसर देना चाहिए. बुधवार को प्रकाशित अधिसूचना में कहा गया है कि डीएल की अयोग्यता के लिए एक वर्ष में एमवी अधिनियम या नियमों के प्रावधानों के पांच या अधिक अपराधों की शर्त एक जनवरी से शुरू होती है.
नए नियमों में साफ कहा गया है कि किसी भी चालक के पिछले एक वर्ष के चालान या अपराध को अगले वर्ष के अपराध तय करने में शामिल नहीं किया जाएगा. यानी एक वर्ष की अवधि को अलग‑अलग माना जाएगा.
अब तक नियमों के तहत पहले तीन महीने, फिर छह महीने और फिर एक वर्ष के लिए लाइसेंस निलंबित होता था. लेकिन नए प्रावधानों के बाद ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया और सख्त हो जाएगी.
ई‑चालान पर भी रद्द हो सकेगा DL
पूर्व डिप्टी कमिश्नर अनिल छिकारा ने बताया कि अब तक नियम 21 के तहत चालान विटनेस के साथ होता था, और लगातार उल्लंघन पर सबसे पहले ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाता था.
लेकिन अब ई‑चालान के आधार पर ही सीधे ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. यानी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को “मौका” अब पहले जैसा नहीं मिलेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव को लागू करने से पहले स्पष्ट SOP बननी चाहिए, नहीं तो चालकों को बार‑बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और सिस्टम की तकनीकी खामियों का नुकसान उन्हें उठाना पड़ेगा.
टोल बकाया है तो अटकेगा हर काम, न मिलेगा NOC, न फिटनेस, न परमिट
अगर आपकी गाड़ी पर टोल टैक्स बकाया है, तो अब कोई भी जरूरी सरकारी काम आसानी से नहीं होगा. केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक टोल का बकाया नहीं चुकाया जाएगा, तब तक वाहन से जुड़े कई काम रोके जाएंगे. सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं. इसका मकसद नेशनल हाईवे पर टोल वसूली को मजबूत करना और टोल चोरी रोकना है.
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