10 years ago
- बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात लगभग 8.45 बजे उच्च सुरक्षा वाले गुलशन राजनयिक क्षेत्र स्थित एक लोकप्रिय रेस्तरां में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकवादी घुस गए। इस रेस्तरां में अक्सर राजनयिक और विदेशी नागरिकों का आना-जाना रहता है।
- आतंकियों द्वारा विदेशी नागरिकों सहित कई लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर आई। बंदूकधारियों और बांग्लादेशी सुरक्षाबलों के बीच भीषण गोलीबारी हुई।
- आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट ने अपनी समाचार एजेंसी अमाक के माध्यम से, इस हमले के करीब चार घंटे बाद इसकी जिम्मेदारी ली।
- भारत में विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय उच्चायोग के सभी राजनयिक सुरक्षित हैं और किसी को भी किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। मंत्रालय इस मामले पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है।
- हमले में शुक्रवार रात गोलीबारी के दौरान दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 30 घायल हो गए। इस बीच बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया।
- ढाका की होली आर्टिसन बेकरी में बंधक बनाए गए एक व्यक्ति ने अपने अंकल को बताया, 'हमें बंधक बना लिया गया है और उन्होंने (हमलावरों) हमसे पुलिस को यह संदेश देने के लिए कहा है कि वह फायरिंग न करें। यदि वे फायरिंग करेंगे तो हम तुम लोगों को मार देंगे"
- रेस्टोरेंट के मालिक ने NDTV से बातचीत की- 'मैं सदमे में हूं, आमतौर पर यहां रात को काफी भीड़ रहती है, लेकिन ईद नजदीक होने के कारण कई लोग यात्रा पर हैं।' उन्होंने कहा, 'रेस्टोरेंट में सुरक्षाकर्मी रहते हैं, लेकिन उनके पास हथियार नहीं होते। इस क्षेत्र में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी होने चाहिए। मेरी विदेशी कर्मचारी बच निकलने में कामयाब रहे, लेकिन स्थानीय कर्मचारी अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। मैं वहां रात 8 बजे तक था, इसके एक घंटे बाद ही हमला हो गया।
- स्थानीय रिपोटर्स ने ANI को बताया कि कैफे के आसपास लगभग 100 कमांडो ने लगभग 10 घंटे चली इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान वहां कई एंबुलेंस भी देखी गईं। अंततः 13 लोगों को छुड़ा लिया गया, जिनमें 3 विदेशी भी शामिल हैं। इस हमले में 20 विदेशी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें एक भारतीय युवती भी शामिल है।
- बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के बाद कहा, 'यह कैसे इंसान हैं जो रमज़ान के पवित्र माह के दौरान दूसरे इंसानों को मार रहे हैं। हमला करने वाले धर्म के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों का धर्म सिर्फ हिंसा है।'
- पीएम हसीना ने अपील की कि लोग कट्टर सोच का विरोध करें। उन्होंने कहा कि हम ऐसी और घटनाएं नहीं होने देंगे। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टिंग से नुकसान हुआ।