राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र की ओर से आयोजित 'देवर्षि नारद पत्रकार पुरस्कार 2026' समारोह में टेलीविजन, प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित किया गया. इन पुरस्कारों के जरिए पत्रकारिता के 12 अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम को मान्यता दी गई. इसमें ग्रामीण रिपोर्टिंग और महिलाओं से जुड़े मुद्दों से लेकर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन तक में किए गए योगदान को सराहा गया.
पुरस्कार पाने वालों में 'ऑप इंडिया' की पूजा राणा को 'आउटस्टैंडिंग यंग जर्नलिस्ट' कैटेगरी में सम्मानित किया गया, जबकि 'नो द नेशन' की एडिटर गरिमा उप्रेती को महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता के लिए पुरस्कार मिला. 'किसान तक' की हिमानी दीवान को ग्रामीण और पर्यावरण पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया.
'पब्लिक मित्र' के विमल त्यागी को YouTube कंटेंट क्रिएटर कैटेगरी में, मयंक बालियान को एक्स पर कंटेंट क्रिएशन के लिए और मनोज्ञा तिवारी को इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएशन के लिए पुरस्कार दिया गया.
साहसिक पत्रकारिता का पुरस्कार 'द पैम्फलेट' के प्रभात रंजन मिश्रा को दिया गया, जबकि प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे को डिजिटल पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया. दैनिक जागरण के निहाल सिंह को प्रिंट पत्रकारिता श्रेणी में पुरस्कार मिला और पीटीआई वीडियो के डॉ. राम किंकर सिंह को टेलीविजन पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया.
शाश्वत पाणिग्रही को स्तंभकार श्रेणी में सम्मानित किया गया, जबकि हिन्दुस्तान समाचार के रामानुज शर्मा को इनोवेटिव पत्रकारिता के लिए पुरस्कार मिला. सभी पुरस्कार विजेताओं को एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल और 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया.
आयोजकों के अनुसार, देश भर से 12 कैटेगरी में एंट्रीज मंगाई गई थीं और वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों वाली छह सदस्यीय जूरी ने इनका मूल्यांकन किया. इस पैनल में डीडी न्यूज की डायरेक्टर जनरल ममता वर्मा, 'अमर उजाला' के सीनियर कंसल्टिंग एडिटर राज किशोर,एनडीटीवी इंडिया के प्रबंध संपादक रोहित विश्वकर्मा, नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर कन्वर्जेंस ब्रजेश कुमार सिंह, आईटीवी नेटवर्क की प्रबंध निदेशक ऐश्वर्या पंडित और ब्लूक्राफ्ट फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश चंद्र बर्नवाल शामिल थे.
कार्यक्रम में बोलते हुए, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि पत्रकारों को समाज की एक सटीक तस्वीर पेश करनी चाहिए और एक बेहतर सामाजिक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देना चाहिए. उन्होंने मीडिया पेशेवरों से आग्रह किया कि वे हर मुद्दे को केवल राजनीतिक चश्मे से न देखें और कहा कि राजनीति को कवर करने वाले पत्रकारों को खुद राजनीतिक प्रक्रियाओं में भागीदार बनने से बचना चाहिए.
आंबेकर ने टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका के बारे में भी बात की और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नवाचारों का उपयोग मानवता के लाभ के लिए और भारत की ज्ञान परंपराओं को समृद्ध करने के लिए किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति इंसानों की भूमिका की जगह नहीं ले सकती और उन्होंने राष्ट्रीय विकास के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया.
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पत्रकारिता के कई कार्यों को करने में सक्षम हो सकता है, लेकिन यह लोगों के साथ जुड़ने और कॉन्टेक्स्ट को समझने की पत्रकार की क्षमता की जगह नहीं ले सकता.
इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, मीडिया पेशेवर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल हुए. आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, दिल्ली प्रांत प्रचारक विशाल कुमार और दिल्ली प्रांत सह कार्यवाह राजेश कुमार भी वहां उपस्थित लोगों में शामिल थे.
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