- आदिवासी कला अब लंदन और पेरिस जैसे बड़े शहरों की आर्ट गैलरियों में भी प्रदर्शित और सराही जा रही है
- दिल्ली में ट्रावनकोर पैलेस में आयोजित ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026 में चार दिनों में 30 लाख की बिक्री हुई
- झारखंड की पुतली गंजू और मध्यप्रदेश की संतोषी श्याम गोंड जैसी महिला कलाकारों की कला विदेशों में भी लोकप्रिय
कभी गांवों और जंगलों तक सीमित रहने वाली आदिवासी कला अब दुनिया के बड़े शहरों की आर्ट गैलरियों तक पहुंच रही है. लंदन और पेरिस जैसे शहरों में भी अब इन पेंटिंग्स के कद्रदान मिल रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण दिल्ली में आयोजित ट्राइब्स आर्ट फेस्ट 2026 में देखने को मिल रहा है. राजधानी के ट्रावनकोर पैलेस में 3 मार्च से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में अब तक करीब 30 लाख रुपये की कलाकृतियां बिक चुकी हैं. यहां प्रदर्शित कई कलाकारों की पेंटिंग्स की मांग ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी और स्विट्जरलैंड तक पहुंच चुकी है. प्रदर्शनी 13 मार्च तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी.
विदेशों में भी पहचान बना रहीं महिला कलाकार
झारखंड के हजारीबाग की 50 वर्षीय पुतली गंजू अपनी पारंपरिक सोहराय आर्ट के लिए जानी जाती हैं. उनकी पेंटिंग्स विदेशों में भी प्रदर्शित हो चुकी हैं और यूरोप के कला प्रेमियों के बीच उनकी खास पहचान बन रही है. वहीं मध्यप्रदेश के भोपाल की 32 वर्षीय संतोषी श्याम गोंड आर्ट की कलाकार हैं. संतोषी पहले प्राकृतिक रंगों और हाथ से पेंटिंग बनाती थीं, लेकिन अब एक्रेलिक रंग और ब्रश के जरिए आधुनिक अंदाज में गोंड कला को नया रूप दे रही हैं. उनकी एक पेंटिंग की कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है और उनकी कला की मांग ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस तक है.
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15 लाख की पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
इस प्रदर्शनी की सबसे महंगी पेंटिंग 15 लाख रुपये की है, जिसे मध्यप्रदेश के कलाकार रवि कुमार टेकम ने बनाया है. त्रियाफूल नाम की इस गोंड आर्ट पेंटिंग को तैयार करने में उन्हें करीब ढाई से तीन महीने लगे. 40 वर्षीय रवि पिछले 30 साल से गोंड आर्ट में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी एक पेंटिंग मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने 25 लाख रुपये में खरीदी थी, जिसमें जंगल के बीच शेर और सूअर की लड़ाई का दृश्य दर्शाया गया था.
4 दिनों में 30 लाख की बिक्री
जनजातीय मामलों की सचिव रंजना चोपड़ा के अनुसार प्रदर्शनी शुरू होने के चार दिनों के भीतर ही कलाकारों की कलाकृतियों की करीब 30 लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है.
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