अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी को संभालने और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार 8 नए स्मार्ट शहरों को बसाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड यानी NCRPB ने 20 लाख करोड़ रुपये का महाप्लान तैयार कर लिया है. यह प्लान एनसीआर का पूरा भूगोल ही बदल देगा. इस प्रोजेक्ट का सबसे खास विजन '30 मिनट NCR' है. इसका मतलब है कि एनसीआर के इन शहरों में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में महज 30 मिनट का वक्त लगेगा. इसके लिए मेट्रो से लेकर नमो भारत और हैली टैक्सी का विस्तार किया जाएगा. आखिर 8 नए चमचमाते ग्रीनफील्ड स्मार्ट शहर बसाने का पूरा प्लान क्या है? आइए बताते हैं.
क्या है प्लान?
एनसीआर के लिए NCRPB ने रीजनल प्लान-2041 तैयार किया है. इसके तहत 8 नए ग्रीनफील्ड टाउनशिप और एक हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है. इसका मकसद दिल्ली और NCR के बड़े शहरों के बीच 30 मिनट में यात्रा मुमकिन बनाना है. इस ड्राफ्ट प्लान पर 16 जून को NCRPB की बैठक में चर्चा होगी. इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और रिहायशी हब बनाकर शहरी विकास को विकेंद्रीकृत करने की लंबी अवधि की रणनीति बताई गई है.
'लाइव-वर्क-प्ले' कॉन्सेप्ट पर आधारित होंगे ये नए शहर
रीजनल प्लान क तहत NCR में बसाए जाने वाले इन 8 शहरों को मिक्स्ड लैंड यूज और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि जहां आपका घर होगा, उसके बिल्कुल करीब यानी वॉक-टू-वर्क दूरी पर ही कॉर्पोरेट ऑफिस, औद्योगिक क्लस्टर, और कमर्शियल हब मौजूद होंगे. लोग अपने घर से पैदल या साइकिल के जरिए चंद मिनटों में ऑफिस पहुंच सकेंगे, जिससे न तो सड़कों पर ट्रैफिक की समस्या होगी और न ही प्रदूषण बढ़ेगा. आपका घर, आपका ऑफिस, बच्चों का स्कूल और शॉपिंग मॉल सब इतने पास होंगे कि आपको गाड़ी निकालने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
एक्सप्रेसवे और रेल कॉरिडोर के किनारे होंगे नए शहर
NCR के ये नए हाई-टेक शहर बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी से भी लैस होंगे. इन्हें KMP और ईस्ट्र्न पैरिफेरल जैसे नए एक्सप्रेसवे और ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के किनारे बसाया जाएगा. इसके तहत उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के सब-रीजन में करीब 2 से 3 नए शहर बसाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.
क्या-क्या खास सुविधाएं होंगी?
पूरे शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड स्मार्ट कमांड सेंटर होगा.
उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए रेडी-टू-यूज प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं होंगी.
शहर में स्मार्ट मीटरिंग के साथ 24 घंटे पानी और बिजली की सप्लाई होगी.
जीरो-वेस्ट और नेट-जीरो वाटर मॉडल पर यह शहर बसेंगे.
सड़कों पर बिजली या इंटरनेट के तारों का कोई जंजाल नहीं दिखेगा, यहां अंडरग्राउंड केबलिंग की जाएगी.
कहां-कहां बसेंगे ये नए शहर
- यूपी: यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के आसपास
- हरियाणा: पंचग्राम योजना और नए आर्थिक कॉरिडोर के पास
- राजस्थान:अलवर और तिजारा के औद्योगिक बेल्ट के पास
'30 मिनट NCR' का क्या है फॉर्मूला?
इस प्लान की एक खास बात '30-मिनट NCR' है, जिसके तहत मल्टी-नोडल हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को डेवलेप किया जाएगा.
- RRTS नमो भारत: इन शहरों के बीच नमो भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिसकी रफ्तार 160-180 किमी प्रति घंटे होगी. NCR में कुल 8 ऐसे रैपिड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं.
- हेली-टैक्सी: हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए इस प्लान में हेली-टैक्सी सेवाओं पर भी विचार किया जा रहा है.
- एक्सप्रेसवे और ऑर्बिटल रेल: ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के किनारे नए 'ग्रोथ नोड्स' विकसित किए जाएंगे.
20 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत क्यों?
अनुमान है कि 2030 तक दिल्ली-NCR इलाका टोक्यो को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा शहरी समूह बन जाएगा. प्लान के मुताबिक, अगले 15 सालों में 3 करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त लोगों के रहने की व्यवस्था करनी होगी. घर, ट्रांसपोर्ट और नागरिक सुविधाओं की मांग को पूरा करने के लिए लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत पड़ सकती है.
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