- दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन अब भारत की पहली रिंग मेट्रो बन गई है जो दिल्ली को एक विशाल घेरे में जोड़ती है
- इस रिंग मेट्रो के कारण पूर्वी से उत्तरी दिल्ली जाने के लिए सेंट्रल दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं
- दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 40 से ज्यादा इंटरचेंज स्टेशन शामिल हो गए हैं
घंटों जाम में फंसना और बार-बार मेट्रो बदलना अब पुरानी बात हो चुकी है. अब आप दिल्ली के एक कोने से बैठकर बिना ट्रेन बदले वापस वहीं पहुंच सकते हैं? दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन अब आधिकारिक तौर पर भारत की पहली 'रिंग मेट्रो' बन गई है. 8 मार्च को हुए इस बड़े बदलाव ने न केवल दिल्ली का नक्शा बदल दिया है, बल्कि बुराड़ी से लेकर सोनिया विहार तक के लाखों लोगों की किस्मत खोल दी है. भजनपुरा के अनूठे डबल डेकर फ्लाईओवर से लेकर 40 इंटरचेंज पॉइंट्स तक, इस नई रिंग मेट्रो में बहुत कुछ ऐसा है जो आपको हैरान कर देगा. इस पूरे रूट के बारे में सभी जरूरी बातें हम आपको बता रहे हैं.
क्यों खास है यह 'रिंग'?
- यह केवल एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि दिल्ली की नई ट्रांसपोर्ट क्रांति है. पिंक लाइन अब देश की पहली ऐसी मेट्रो बन गई है जो पूरी दिल्ली को एक विशाल घेरे (71.56 किमी) में जोड़ती है.
- बुराड़ी, सोनिया विहार और भजनपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाके अब मुख्य मेट्रो नेटवर्क से जुड़ गए हैं. अब पूर्वी दिल्ली से उत्तरी दिल्ली जाने के लिए शहर के बीच (सेंट्रल दिल्ली) में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- इस रिंग के पूरा होने से दिल्ली मेट्रो के पास अब 40 से ज्यादा इंटरचेंज स्टेशन हो गए हैं. आप रिंग के किसी भी हिस्से से शहर की किसी भी दूसरी लाइन (येलो, ब्लू, रेड, ग्रीन, वॉयलेट या मैजेंटा) पर आसानी से स्विच कर सकते हैं.
- अनुमान है कि इस रिंग के शुरू होने से सड़क पर चलने वाले निजी वाहनों की संख्या में रोजाना 20-25% की कमी आएगी, जो दिल्ली की हवा को साफ करने में मदद करेगा.
- इस रूट पर भजनपुरा में एक अनूठा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया गया है, जहां ऊपर मेट्रो चलेगी और नीचे गाड़ियां, जो इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना है.

पूरी दिल्ली का चक्कर लगाकर वापस वहीं कैसे आएं?
इस रूट को रिंग मेट्रो रूट इसलिए कहा जा रहा है क्यों कि अब किसी भी मेट्रो स्टेशन से सफर शुरू करेंगे और वहीं वापस आ पाएंगे. उदाहरण के लिए आप मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन से मेट्रो में बैठेंगे तो दिल्ली का पूरा चक्कर लगाकर आप वहीं वापस आ जाएंगे. पूरा रूट यहां देखिए:
- मजलिस पार्क (येलो लाइन इंटरचेंज)
- आजादपुर (येलो और मैजेंटा लाइन इंटरचेंज)
- शालीमार बाग
- नेताजी सुभाष प्लेस (रेड लाइन इंटरचेंज)
- शकूरपुर
- पंजाबी बाग पश्चिम (ग्रीन लाइन इंटरचेंज - हाल ही में बना नया इंटरचेंज)
- ईएसआई बसई दारापुर
- राजौरी गार्डन (ब्लू लाइन इंटरचेंज)
- मायापुरी
- नारायणा विहार
- दिल्ली कैंट
- दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस (एयरपोर्ट लाइन इंटरचेंज)
- सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग
- भीकाजी कामा प्लेस
- सरोजिनी नगर
- दिल्ली हाट - आईएनए (येलो लाइन इंटरचेंज)
- साउथ एक्सटेंशन
- लाजपत नगर (वॉयलेट लाइन इंटरचेंज)
- विनोबापुरी
- आश्रम
- सराय काले खां - निजामुद्दीन (रेलवे स्टेशन और बस अड्डा)
- मयूर विहार फेज-1 (ब्लू लाइन इंटरचेंज)
- मयूर विहार पॉकेट-1
- त्रिलोकपुरी संजय झील
- पूर्वी विनोद नगर - मयूर विहार-2
- मंडावली - पश्चिम विनोद नगर
- आईपी एक्सटेंशन
- आनंद विहार (रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और ब्लू लाइन इंटरचेंज)
- कड़कड़डूमा (ब्लू लाइन इंटरचेंज)
- कड़कड़डूमा कोर्ट
- कृष्णा नगर
- ईस्ट आजाद नगर
- वेलकम (रेड लाइन इंटरचेंज)
- जाफराबाद
- मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन लूप पॉइंट)
- यमुना विहार
- भजनपुरा
- खजूरी खास
- सोनिया विहार
- जगतपुर गांव
- झरोदा माजरा
- बुराड़ी
- वापस मजलिस पार्क (लूप कम्पलीट)

मुख्य इंटरचेंज पॉइंट्स
- आजादपुर और आईएनए: येलो लाइन के लिए
- राजौरी गार्डन और आनंद विहार: ब्लू लाइन के लिए
- लाजपत नगर: वॉयलेट लाइन के लिए
- वेलकम और नेताजी सुभाष प्लेस: रेड लाइन के लिए
- साउथ कैंपस: एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के लिए
ये भी हैं रिंग मेट्रो की खासियत
- इस पूरी रिंग में अब लगभग 38 स्टेशन हो गए हैं.
- मजलिस पार्क से मौजपुर के बीच का यात्रा समय 45 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह गया है.
- यह भारत का सबसे लंबा सिंगल मेट्रो कॉरिडोर है.
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