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केजरीवाल, सिसोदिया समेत कई AAP नेताओं को HC का नोटिस, जस्टिस स्वर्णकांता से जुड़ा ये मामला जानें

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से फैसला सुनाया. एकल न्यायाधीश ने अपने फैसले में सोशल मीडिया पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और प्रकाशन रिकॉर्ड के रूप में मौजूद सामग्री पर भरोसा जताया है.रजिस्ट्री इन सभी की प्रतियां सुरक्षित रखेगी और उन्हें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी.  

केजरीवाल, सिसोदिया समेत कई AAP नेताओं को HC का नोटिस, जस्टिस स्वर्णकांता से जुड़ा ये मामला जानें
  • दिल्ली HC ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत कई आप नेताओं को नोटिस जारी किया है
  • जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर आरोप है कि उनके खिलाफ सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान चलाया गया था
  • कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक और प्रकाशन रिकॉर्ड को सबूत माना है और प्रतियां सुरक्षित रखी जाएंगी
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नई दिल्ली:

 दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत कई आप नेताओं को नोटिस जारी किया है. दरअसल इन नेताओं पर शराब नीति मामले की कार्यवाही के मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया अभियान चलाए जाने का आरोप है. दरअसल जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​मामले में सुनवाई कर रही थीं. हालांकि अब वह खुद को इस मामले से अलग कर चुकी हैं. जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ अभियान चलाए जाने के आरोप में दिल्ली हाई कोर्ट ने इन नेताओं को नोटिस जारी किया है. 

बता दें कि अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​का मामला दर्ज है. हाई कोर्ट इस मामले में एमिकस भी नियुक्त करेगा. एमिकस किसे नियुक्त किया गया है ये लिखित आदेश में खुलासा होगा. मामले की सुनवाई 4 अगस्त को न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दुडेजा की बेंच करेगी. हाई कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से फैसला सुनाया. एकल न्यायाधीश ने अपने फैसले में सोशल मीडिया पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और प्रकाशन रिकॉर्ड के रूप में मौजूद सामग्री पर भरोसा जताया है.रजिस्ट्री इन सभी की प्रतियां सुरक्षित रखेगी और उन्हें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी.  

जस्टिस स्वर्णकांता ने मामले से खुद को किया अलग

इससे पहले उन्होंने अरविंद केजरीवाल समेत आप के कई नेताओं पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था. आदेश देने के बाद उन्होंने कहा कि शराब नीति से जुड़े केस को अब दूसरी बेंच सुनेगी. लेकिन इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए कि रिक्यूजल की डिमांड की गई थी, इसलिए मैं ये केस छोड़ रही हूं. उन्होंने कहा था कि मैंने अवमानना कार्यवाही शुरू की है, इसलिए उचित यही होगा कि शराब नीति वाले मामले को दूसरी बेंच सुने.

इन नेताओं ने मेरे खिलाफ अभियान चलाया- जस्टिस स्वर्णकांता

मामले से खुद को अलग करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं ने जज और उसके ऑर्डर के खिलाफ बयान ही नहीं दिया बल्कि उनके खिलाफ अभियान चलाया. अवमानना मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, विनय मिश्रा का नाम लेते हुए  है. जज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को यह अधिकार किसने दिया कि वह यह आरोप लगाएं कि यह कोर्ट उन्हें निष्पक्ष फैसला नहीं दे सकती. 

सभी खिलाफ भी अवमानना का केस बनता है

जस्टिस स्वर्णकांता ने ये भी कहा था कि केजरीवाल की तरह ही मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक और संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. कोर्ट की नजर में यह क्रिमिनल अवमानना है. उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भी अवमानना का केस बनता है. उन्होंने AAP के यूट्यूब वीडियो पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, जज का BJP से क्या रिश्ता है? 

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