विज्ञापन

पहले PM से भी है कनेक्शन, मेंबरशिप के लिए 30 साल का इंतजार... आखिर क्यों इतना खास है दिल्ली का जिमखाना क्लब

दिल्ली के जिमखाना क्लब को खाली करने को कह दिया गया है. अब इस पर सरकार का कब्जा हो जाएगा. दिल्ली का जिमखाना क्लब देश के प्रतिष्ठित क्लब में गिना जाता है.

पहले PM से भी है कनेक्शन, मेंबरशिप के लिए 30 साल का इंतजार... आखिर क्यों इतना खास है दिल्ली का जिमखाना क्लब
Gymkhana Club Delhi: दिल्ली का जिमखाना क्लब 1913 में बना था.
delhigymkhana.org.in/
  • दिल्ली जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार ने पांच जून तक खाली करने का आदेश दिया है
  • सफदरजंग रोड पर स्थित यह क्लब सामाजिक और खेल गतिविधियों के लिए लीज पर दिया गया था
  • यह क्लब 1913 में स्थापित हुआ था और इसकी मेन बिल्डिंग का डिजाइन ब्रिटिश आर्किटेक्ट रॉबर्ट टॉर रसेल ने बनाया था
नई दिल्ली:

दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक खाली करने को कहा गया है. देश के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले इस क्लब के सबसे पहले सदस्यों में बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह, मशहूर लेखक खुशवंत सिंह के अलावा कई ताकतवर राजनेता भी रहे हैं. शुक्रवार को केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से जिमखाना क्लब को खाली करने का आदेश दिया गया है. इस आदेश में कहा गया है कि सफदरजंग रोड में इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड को सामाजिक और खेल क्लब चलाने के लिए लीज पर दिया गया था.

इसमें कहा गया है कि चूंकि यह परिसर संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में आता है. अब सार्वजनिक सुरक्षा और जरूरी आधारभूत ढांचे के लिए इसकी तत्काल जरूरत है. इस पत्र में लीज डीड के क्लॉज 4 का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि अगर परिसर की 'सार्वजनिक प्रयोजन' के लिए जरूरत हो तो इस पर फिर से कब्जा करने का अधिकार है. इसलिए राष्ट्रपति ने लीज खत्म कर दी है और तत्काल प्रभाव से परिसर पर कब्जे का आदेश दिया है.

Latest and Breaking News on NDTV

क्यों खास है जिमखाना क्लब?

  • स्थापना: 3 जुलाई 1913 को दिल्ली के 'कोरोनेशन ग्राउंड' में इसकी स्थापना हुई थी. शुरुआत में इसे 'इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब' कहा जाता था. इसके पहले अध्यक्ष सर स्पेंसर हरकोर्ट बटलर थे.
  • कितना बड़ा है: 1928 में जब ब्रिटिश सरकार ने नई राजधानी दिल्ली को बनाया तब इस क्लब को सफदरजंग रोड पर 27.3 एकड़ की बेशकीमती जमीन लीज पर दी गई. 
  • डिजाइन: इस क्लब की मेन बिल्डिंग और परिसर का डिजाइन ब्रिटिश आर्किटेक्ट रॉबर्ट टॉर रसेल ने तैयार किया था, जिन्होंने 'कनॉट प्लेस' और 'तीन मूर्ति हाउस' का भी नक्शा बनाया था.
  • आजादी के बाद: 1947 में आजादी के बाद इसके नाम से 'इंपीरियल' शब्द हटा दिया गया. इसके बाद यह सिर्फ 'दिल्ली जिमखाना क्लब' रह गया.
Latest and Breaking News on NDTV

यह भी पढ़ेंः क्या है दिल्ली का जिमखाना क्लब? जहां सांसदों से लेकर अफसरों तक की लगती रही महफिल, अब केंद्र ने दिया खाली करने का आदेश

सदस्य बनने के लिए 30 साल की वेटिंग

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इसके 'वाइस पैट्रन' और सर उषा नाथ सेन इसके पहले भारतीय अध्यक्ष चुने गए थे.वर्तमान समय में दिल्ली जिमखाना क्लब में स्थायी सदस्यों की संख्या लगभग 5,600 है. हालांकि, अगर इसमें सदस्यों के परिवारों, ग्रीन कार्ड धारकों और 'यूजर्स ऑफ क्लब प्रेमाइसेस' (UCPs) को जोड़ लिया जाए, तो क्लब की सुविधाओं का उपयोग करने वाले कुल लोगों की संख्या 11,000 से 12,000 के बीच बैठती है.

Latest and Breaking News on NDTV

दिल्ली के जिमखाना क्लब का मेंबर बनने के लिए सालों की वेटिंग रहती है. इस क्लब की सदस्यता के लिए वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी होती है कि कई बार लोगों को 20 से 30 साल तक इंतजार करना पड़ता है.

यह भी पढ़ेंः सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन को कब्जे में लेने का दिया आदेश, 15 दिन की मोहलत दी

लेखक के बारे में
img
रवीश रंजन शुक्ला
Associate Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Gymkhana Club, Gymkhana Club In Delhi, Gymkhana Club Eviction Notice, Gymkhana Club History, Delhi News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com