सरकार ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए डिनोटिफाई कर दिया है. इसकी जगह रामलीला मैदान, सीबीएस ग्राउंड शाहदरा और बुराड़ी ग्राउंड को मंजूरी दी गई है. रामलीला मैदान की बुकिंग नगर निगम (MCD) के पास है जबकि सीबीएस ग्राउंड शाहदरा और बुराड़ी ग्राउंड दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधीन आते हैं. हालांकि DDA राजनीतिक गतिविधियों के लिए मैदान आवंटित करने के नियम और प्रक्रियाएं तय करने की तैयारी में है.
सौ साल पुरानी प्रदर्शन की परंपरा वाला रामलीला मैदान
रामलीला मैदान लंबे समय से राजनीतिक रैलियों और धरना-प्रदर्शनों का केंद्र रहा है. फिलहाल यहां ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन चल रहा है जिससे बुकिंग मिलना आसान नहीं है. इसके अलावा मैदान बुक कराने के लिए भी अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है.
अगर एक दिन के लिए रामलीला मैदान बुक किया जाता है तो 50 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी. इसके अलावा 5 हजार रुपये ग्राउंड सिक्योरिटी, 50 हजार रुपये प्रतिदिन किराया, 4 हजार रुपये सफाई शुल्क और 2 हजार रुपये लाइसेंस फीस देनी होगी. इन सभी शुल्कों पर 18 प्रतिशत GST के रूप में 10,080 रुपये अतिरिक्त लगेंगे. इस तरह एक दिन की बुकिंग पर कुल 1,21,080 रुपये का खर्च आएगा.
सीबीएस ग्राउंड शाहदरा में भी देना होगा टैक्स
सीबीएस ग्राउंड शाहदरा की बुकिंग DDA के माध्यम से होती है. यहां 11 अलग-अलग मैदान हैं लेकिन अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कौन सा मैदान निर्धारित होगा. DDA की वेबसाइट पर अभी निजी समारोह, आध्यात्मिक आयोजनों और चैरिटी कार्यक्रमों के लिए श्रेणियां मौजूद हैं. राजनीतिक गतिविधियों के लिए अलग श्रेणी अभी नहीं बनाई गई है. यदि 3,000 वर्ग मीटर क्षेत्र वाला प्लॉट नंबर 27 बुक किया जाए तो लगभग 95,832 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी. इसके अलावा 9,982 रुपये प्रतिदिन सफाई शुल्क और 1,800 रुपये GST देना होगा. कुल मिलाकर एक दिन के लिए 1,07,614 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. सिक्योरिटी राशि वापस होने की स्थिति में दैनिक खर्च 11,782 रुपये रहेगा.

बुराड़ी की जगह फिलहाल भलस्वा ग्राउंड का विकल्प
फिलहाल DDA की बुकिंग सूची में बुराड़ी ग्राउंड का नाम दिखाई नहीं देता. इसकी जगह भलस्वा ग्राउंड का विकल्प उपलब्ध है. यदि यहां 8,000 वर्ग मीटर क्षेत्र बुक कराया जाता है तो 2,55,552 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी. इसके साथ 26,933 रुपये प्रतिदिन सफाई शुल्क और 4,850 रुपये SGST एवं CGST के रूप में देने होंगे. कुल खर्च 2,87,333 रुपये तक पहुंच जाता है. सिक्योरिटी राशि वापस होने की स्थिति में भी प्रतिदिन 31,783 रुपये का खर्च आएगा.
जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल का दर्जा हटने के बाद अब संगठनों और राजनीतिक दलों को प्रदर्शन के लिए निर्धारित मैदानों की बुकिंग पर किराया, सफाई शुल्क, सिक्योरिटी मनी और GST जैसे अतिरिक्त खर्च भी वहन करने होंगे. ऐसे में दिल्ली में धरना-प्रदर्शन आयोजित करना पहले की तुलना में काफी महंगा साबित हो सकता है.
यह भी पढ़ें-दीपके ने दिल्ली में फिर किया प्रदर्शन का ऐलान, अब 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क CP में लहराएंगे तिरंगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं