इंदौर की दुखद घटना को लेकर दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए दिल्ली की जनता को सचेत रहने की चेतावनी दी है. 'आप' के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इंदौर की घटना को देश के बड़े शहरों के लिए खतरे की बड़ी घंटी बताया है.
उन्होंने कहा कि इंदौर में भाजपा का 'ट्रिपल इंजन' (सांसद, विधायक, पार्षद और प्रदेश सरकार) होने के बावजूद लापरवाही के कारण 14 मासूमों और अन्य नागरिकों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. ढांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा का अहंकार इतना बढ़ गया है कि उनके मंत्री मौतों पर सवाल पूछने वालों के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने दिल्लीवासियों को आगाह किया कि अब दिल्ली, केंद्र और एमसीडी तीनों जगह भाजपा की सरकार है, ऐसे में इंदौर जैसी प्रशासनिक लापरवाही की पुनरावृत्ति यहां भी हो सकती है, इसलिए जनता को पानी की शुद्धता को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए.
इसी कड़ी में, आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भाजपा के 'हिंदुत्व' कार्ड पर कड़ा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि क्या इंदौर में जान गंवाने वाले लोग हिंदू नहीं थे? उन्होंने दावा किया कि उस वार्ड के निवासी पिछले दो साल से लिखित शिकायत कर रहे थे कि पीने के पानी में सीवर और एसिड मिल रहा है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया रहा. कक्कड़ ने तीखा सवाल किया कि क्या मरने वाले हिंदुओं की चीखें प्रधानमंत्री मोदी तक नहीं पहुंचीं? उन्होंने मांग की कि इस जघन्य लापरवाही के लिए अब तक किसी की जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई और जिम्मेदारी लेते हुए किसी ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
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