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This Article is From May 15, 2023

चक्रवात मोका ने म्यांमार के बंदरगाह शहर में मचाई तबाही, 130 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा

एक दशक से भी अधिक समय में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाले सबसे बड़े तूफान ने सितवे की सड़कों को नदियों में बदल दिया था.

चक्रवात मोका ने म्यांमार के बंदरगाह शहर में मचाई तबाही, 130 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
म्यांमार के रखाइन राज्य की राजधानी सितवे के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ गई.

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को म्यांमार के बंदरगाह शहर सितवे में एक शक्तिशाली चक्रवात मोका ने जमकर तबाही मचाई. म्यांमार के रखाइन राज्य की राजधानी सितवे के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ गई, जबकि 130 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं टिन की छतों को उड़ा ले गईं और एक कम्यूनिकेशन टॉवर को नीचे गिरा दिया. अल जज़ीरा ने बताया कि म्यांमार में बचाव सेवाओं ने कहा कि भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि स्थानीय मीडिया ने म्यांमार में पेड़ गिरने के बाद एक व्यक्ति की मौत की सूचना दी.

एक दशक से भी अधिक समय में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाले सबसे बड़े तूफान के रूप में सितवे की सड़कों को नदियों में बदल दिया गया था. म्यांमार के सैन्य सूचना कार्यालय ने कहा कि चक्रवात ने सितवे, क्यौकप्यू और ग्वा टाउनशिप में घरों, बिजली के ट्रांसफार्मर, मोबाइल फोन टावरों, नावों और लैम्पपोस्ट को नुकसान पहुंचाया है. इसने कहा कि तूफान ने देश के सबसे बड़े शहर यांगून से लगभग 425 किमी (264 मील) दक्षिण पश्चिम में कोको द्वीप पर खेल भवनों की छतें भी गिरा दीं.

देश के पूर्वी शान राज्य के एक बचाव दल ने अपने फेसबुक पेज पर घोषणा की कि उन्होंने एक कपल के शव बरामद किए हैं जो भारी बारिश के कारण तचिलीक टाउनशिप में उनके घर पर भूस्खलन के कारण दब गए थे. सितवे के 300,000 निवासियों में से 4,000 से अधिक को अन्य शहरों में ले जाया गया था और 20,000 से अधिक लोग मठों, पगोडा और शहर के ऊंचे इलाकों में स्थित स्कूलों जैसी मजबूत इमारतों में आश्रय ले रहे हैं. टिन नयेन ओ ने कहा, जो सितवे में आश्रयों में स्वयंसेवा कर रहे हैं.

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि "बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोका' म्यांमार के ऊपर एक गंभीर चक्रवाती तूफान में कमजोर हो गया." सिस्टम के कमजोर होने की प्रवृत्ति जारी है और अगले कुछ घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा.  द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में, जहां अधिकारियों ने तूफान आने से पहले लगभग 300,000 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में भेज दिया था. देश के दक्षिण-पूर्व में कॉक्स बाजार में घनी आबादी वाले शिविरों के अंदर रोहिंग्या शरणार्थी अपने टूटों-घरों में थे.

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