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This Article is From Jan 22, 2018

सीताराम येचुरी का कांग्रेस से गठबंधन की पेशकश वाला मसौदा माकपा की केंद्रीय समिति में खारिज

पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात की अगुवाई में केरल के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया. करात की अगुवाई वाले धड़े ने कांग्रेस के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी तरह के गठबंधन का विरोध किया है. पार्टी महासचिव येचुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'कुछ संशोधनों के बाद स्वीकार किया गया राजनीतिक मसौदा प्रस्ताव कहता है कि कांग्रेस के साथ किसी तरह का चुनावी गठबंधन या समझौता नहीं किया जाएगा.'

सीताराम येचुरी का कांग्रेस से गठबंधन की पेशकश वाला मसौदा माकपा की केंद्रीय समिति में खारिज
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: माकपा  महासचिव सीताराम येचुरी ने कांग्रेस से गठबंधन की पेशकश वाला एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया, लेकिन पार्टी की केंद्रीय समिति ने इसे ठुकरा दिया. येचुरी की ओर से तैयार मसौदे में इसकी पैरवी की कई थी कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस से तालमेल किया जाए. पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात की अगुवाई में केरल के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया. करात की अगुवाई वाले धड़े ने कांग्रेस के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी तरह के गठबंधन का विरोध किया है. पार्टी महासचिव येचुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'कुछ संशोधनों के बाद स्वीकार किया गया राजनीतिक मसौदा प्रस्ताव कहता है कि कांग्रेस के साथ किसी तरह का चुनावी गठबंधन या समझौता नहीं किया जाएगा.' येचुरी के प्रस्ताव के विरोध में 55 प्रतिनिधियों ने मतदान किया तो 31 ने इसके पक्ष में मतदान किया.

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माकपा की केंद्रीय समिति की तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन मतदान के बाद स्वीकार किया गया मसौदा प्रस्ताव अप्रैल में पार्टी की हैदराबाद में होने वाली बैठक से पहले पार्टी के भीतर चर्चा के लिए जारी किया जाएगा. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक येचुरी ने बीती रात अपना पद छोड़ने का इरादा जाहिर किया और कहा कि अगर उनकी राजनीतिक धारा के खिलाफ मतदान होता है तो उनके लिए अपने पद पर बने रहना मुश्किल होगा.  प्रस्ताव के ठुकराए जाने की संभावना को भांपते हुए येचुरी ने इस मुद्दे पर मतदान टालने का प्रयास किया. बीती रात पोलितब्यूरो की आपात बैठक बुलाई गई थी, लेकिन मामले को समाधान नहीं हो सका.

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येचुरी ने कहा, 'बात यह है कि जो पार्टी में आंतरिक रूप से होता है इसका उल्लेख यहां करने की जरूरत नहीं है.' माकपा सूत्रों ने कहा कि दो प्रस्तावों के मसौदे केंद्रीय समिति की बैठक में पेश किए गए थे. इनमें से एक प्रस्ताव कांग्रेस से गठबंधन की पैरवी वाला था और दूसरे प्रस्ताव में कांग्रेस से तालमेल के खिलाफ और वाम दलों में एकजुटता बढ़ाने की बात की गई थी. सूत्रों ने कहा कि करात की अगुवाई वाले धड़े ने दूसरे प्रस्ताव का समर्थन किया. बहरहाल, दोनों प्रस्ताव में यह कहा गया कि भाजपा और आरएसएस ‘मौजूदा समय में देश के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं’ और इनको पराजित करने की जरूरत है.
 
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