कोविड-19 : भारत में 628 नए मामले, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हुई

देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच 2023 के अंत में जेएन.1  वेरिएंट ने चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार ने इस पर नजर रखने के साथ ही जांच बढ़ाने की योजना बनाई है

कोविड-19 : भारत में 628 नए मामले, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हुई

देश में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हो गई है.... (प्रतीकात्मक फोटो)

भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 (Covid-19) के 628 नए मामले आए और उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,054 हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह 8 बजे अद्यतन आंकड़ों के अनुसार- पिछले 24 घंटे में केरल में संक्रमण से एक व्यक्ति की मृत्यु होने से, मृतक संख्या बढ़कर 5,33,334 हो गई. देश में वर्तमान में संक्रमितों की संख्या 4,50,09,248 है. स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार- बीमारी से उबर चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,71,860 हो गई है जबकि रोग से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है. मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है. मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, कोविड-19 रोधी टीके की अब तक 220.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी है.

देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच 2023 के अंत में जेएन.1  वेरिएंट ने चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार ने इस पर नजर रखने के साथ ही जांच बढ़ाने की योजना बनाई है. त्योहारी सीजन के बीच कोविड मामलों में बढ़ोतरी के साथ नया खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में दिल्ली में डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने, भीड़-भाड़ से बचने और स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी है.

ओमीक्रॉन स्वरूप द्वारा संचालित कोविड महामारी की विनाशकारी तीसरी लहर के परिणामस्वरूप 2022 की शुरुआत में दिल्ली में संक्रमणों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई थी और डेल्टा स्वरूप द्वारा संचालित दूसरी लहर ने अन्य स्थानों की तरह राष्ट्रीय राजधानी में भी 2021 में कहर बरपाया था. वर्ष 2023 की शुरुआत में जो हालात थे उसे देखते हुए इस ताजा खतरे ने कई विशेषज्ञों को सही साबित कर दिया है कि “कोविड अभी दुनिया से खत्म नहीं हुआ है”.

केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों सतर्क हैं और उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आगे की योजना बनाई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने 20 दिसंबर को ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर बेड और अन्य आवश्यकताओं की “फिर से समीक्षा” की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कोविड उप-स्वरूप जेएन.1 संक्रामक है लेकिन “हल्का” है. उन्होंने कहा कि शहर सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए “पूरी तरह से सतर्क” है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शहर सरकार जीनोम अनुक्रमण बढ़ाएगी.

अधिकारियों ने बेहतर स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष मास्क पहनने की अनिवार्यता को हटा दिया था लेकिन नए स्वरूप पर बढ़ती चिंता के बीच दिल्ली में कई लोगों के चेहरे पर मास्क फिर से लौट आया है. वर्षांत में क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर काफी भीड़-भाड़ होगी. शहर की अधिकांश आबादी ने धीरे-धीरे बंद स्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाए बिना रहना सीख लिया है. नए साल में एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को मास्क पहने देखा जा सकता है. भीड़-भाड़ वाले मेट्रो कोचों में कई यात्रियों को अब संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहने या हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करते देखा जा सकता है. भारद्वाज ने हाल ही में यह भी कहा था कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए. मंत्री ने कहा था, “सावधान रहकर सतर्क रहें और आप संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं.” वर्ष 2023 में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने शहर के कई सरकारी अस्पतालों का दौरा भी किया. भारद्वाज ने 21 दिसंबर को दो अस्पतालों का निरीक्षण किया और कहा कि किसी को भी “वीआईपी सुविधा” नहीं दी जाएगी.

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उन्होंने पूर्वी दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान का औचक निरीक्षण किया. भारद्वाज ने 14 दिसंबर को शहर के चार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था और एक अस्पताल में साफ-सफाई में लापरवाही के लिए प्रशासन को फटकार लगाई थी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था. भारद्वाज ने जिन अस्पतालों का दौरा किया था उनमें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, दादा देव अस्पताल, इंदिरा गांधी अस्पताल और सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर शामिल थे.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)