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This Article is From Jun 04, 2022

कोर्बेवैक्स टीके को 18 और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी मिली

टीकाकरण के लिए EUA प्राप्त करने से पहले, कंपनी ने कहा कि उसने 5 से 12 और 12 से 18 आयु वर्ग के 624 बच्चों में चरण दो और तीन में सेंट्रल क्लीनिकल ट्रायल किए हैं.

कोर्बेवैक्स टीके को 18 और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी मिली
Biological E की वैक्सीन कोर्बेवैक्स को बूस्टर डोज के तौर पर मिली मान्यता (प्रतीकात्मक)
नई दिल्ली:

बायोलॉजिकल ई की COVID-19 वैक्सीन कोर्बेवैक्स (Corbevax) को 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के बूस्टर शॉट के लिए मंजूरी दे दी गई है.  भारत के दवा नियामक DCGI ने अप्रैल के अंत में 5 से 12 साल के बच्चों के लिए Corbevax को आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी थी. तब तक यह टीका 12-14 आयु वर्ग के लोगों को दिया जाता था.बायोलॉजिकल ई ने मई में निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए माल और सेवा कर सहित, कॉर्बेवैक्स की कीमत ₹ 840 प्रति खुराक से घटाकर ₹ 250 कर दिया था.मार्च में जब भारत में 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ, तो कॉर्बेवैक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया और सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए इसकी कीमत ₹ 145 तय की गई.

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बीई ने कॉर्बेवैक्स के विकास में टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल और बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के साथ कोलॉबोरेट किया था. टीकाकरण के लिए EUA प्राप्त करने से पहले, कंपनी ने कहा कि उसने 5 से 12 और 12 से 18 आयु वर्ग के 624 बच्चों में चरण दो और तीन में सेंट्रल क्लीनिकल ट्रायल किए हैं.

जब मार्च में कॉर्बेवैक्स को 12 से 14 साल के समूह के लिए लॉन्च किया गया था, तो जैविक ई की प्रबंध निदेशक महिमा दतला ने संकेत दिया था कि उनके टीके की सामर्थ्य उन प्रमुख लक्ष्यों में से एक था, जिसके लिए उन्होंने काम किया था.इसे "सबसे सस्ती" वैक्सीन कहते हुए, सुश्री दतला ने NDTV को बताया था कि फर्म को "सामान्य लोगों की पहुंच तक रखने की जरूरत है."

बायोलॉजिक ई. लिमिटेड ने कहा है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को कोवैक्सीन या कोविशील्ड की प्राथमिक खुराक (दोनों खुराक) लगने के छह महीने बाद कोरबेवैक्स की बूस्टर खुराक दी जा सकती है. इसमें कहा गया है कि बीई का कोरबेवैक्स भारत में ऐसा पहला टीका है, जिसे देश में एक अलग बूस्टर खुराक के तौर पर मंजूरी दी जाएगी. कंपनी ने अपने क्लिनिकल ट्रायल के आंकड़े डीसीजीआई को सौंपे हैं. इसने एक व्यापक मूल्यांकन और विषय विशेषज्ञ समिति के साथ चर्चा के बाद टीकाकरण करा चुके लोगों को बूस्टर खुराक के तौर पर कोरबेवैक्स लगाने की मंजूरी दी है.

डेटा से पता चलता है कि इसका कोरबेवैक्स बूस्टर खुराक प्रतिरक्षा प्रतिक्रया को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है और शानदार सुरक्षा देता है. बायोलॉजिक ई. लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महिमा दातला ने कहा, ये भारत में कोविड-19 बूस्टर खुराक की जरूरत को पूरा करेगा. हमने अपने कोविड-19 टीकाकरण के सफर में एक और उपलब्धि हासिल की है.

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