समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से साफ तौर पर यह कहे जाने के महज तीन दिन बाद कि स्वामी प्रसाद मौर्य गठबंधन में शामिल नहीं होंगे, कांग्रेस ने उनके प्रति नरम रुख दिखाकर नई बहस छेड़ दी है. सोमवार सुबह यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात की और उन्हें सामाजिक न्याय की लड़ाई का साथी और अति पिछड़ों की आवाज बताया.
इस मुलाकात ने इसलिए भी चर्चा छेड़ दी क्योंकि हाल ही में अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिया था कि स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए गठबंधन में जगह नहीं है.
'अखिलेश यादव से बातचीत की जाएगी'
मुलाकात के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने NDTV से बातचीत में कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाले नेता हैं और गठबंधन के दरवाजे उनके लिए खुले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अखिलेश यादव से बातचीत की जाएगी. गौतम ने यह संदेश भी दिया कि देश को बचाने की लड़ाई में छोटी-मोटी बातों को पीछे छोड़ देना चाहिए.
दरअसल, पिछले महीने स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से मुलाकात कर INDIA गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी. हालांकि इसके बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि मौर्य गठबंधन का हिस्सा नहीं होंगे. अखिलेश के इस रुख को राजनीतिक गलियारों में 'रेड कार्ड' के तौर पर देखा गया.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर क्या कहा था?
अखिलेश यादव के बयान के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि INDIA गठबंधन में किसी को शामिल करने या न करने का अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे. इसी दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला था और कहा था कि फैसला करने वाले वे नहीं हैं.
अब राजेंद्र पाल गौतम और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता की इस पहल से समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं में नाराजगी भी है.
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