पश्चिम बंगाल के नादिया में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और नकाशीपाड़ा ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष अनीसुर रहमान की कथित तौर पर हत्या कर दी गई.
बताया जा रहा है कि जब अनीसुर रहमान घर लौट रहे थे, तो बदमाशों ने उनकी कार को रोका और उन पर पहले गोलीबरारी और फिर धारदार हथियारों से हमला किया. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस हमले में उनके बेटे अबू सुफियान की भी मौत हो गई.
कैसे हुआ हमला?
यह घटना शनिवार को नागाडी रेलवे गेट के पास हुई. बेथुआ से घर लौटते समय बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया था. हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर पीड़ितों पर धारदार हथियारों से हमला किया. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
अनीसुर रहमान नकाशीपाड़ा इलाके में कांग्रेस के जाने-माने नेता थे और लंबे समय से पार्टी के लिए कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे. इस हमले के बाद इलाके में तनाव फैल गया है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद नकाशीपाड़ा पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले के पीछे कौन था, हत्याओं का मकसद क्या था और घटना में और कौन-कौन शामिल हो सकता है.
यह भी पढ़ेंः TMC कार्यालय में फांसी लगाने वाले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष ने सुसाइड नोट में लिखा- राजनीति में आकर गलती की
टीएमसी के पूर्व विधायक ने लगाई फांसी
पश्चिम बंगाल की रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे आशीष बनर्जी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है.
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह आशीष बनर्जी का शव उनके घर के पास बने पार्टी ऑफिस में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है. आशीष बनर्जी बंगाल में टीएमसी के सीनियर नेता माने जाते थे. वह पिछली ममता सरकार के दौरान विधानसभा में डिप्टी स्पीकर थे.
आशीष बनर्जी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उनके पास तारापीठ रामपुरहाट डिवेलपमेंट अथॉरिटी में कोई अधिकार नहीं थे. उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले में घसीटने की कोशिशें हुई हैं. उन्होंने लिखा कि मैंने शायद राजनीति में आकर ही गलती की थी.
यह भी पढ़ेंः आशीष बनर्जी के फांसी लगाने पर ममता के भतीजे ने उठाया 'मीडिया ट्रायल' वाला सवाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं