
तिरुअनंतपुरम:
विमान अपहरण अलार्म बटन दबाने के मामले में शामिल एयर इंडिया विमान की महिला पायलट अपने रुख पर कायम रही और कहा कि 19 अक्टूबर को अबू धाबी-कोच्चि विमान को तिरुअनंतपुरम मोड़ने पर यात्रियों के विरोध के बाद उसे अपहरण की स्थिति जैसा काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
लगभग दो घंटे तक चली पूछताछ के दौरान विशेष जांच दल को पायलट रूपाली बागमोरे ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान के कॉकपिट में तीन यात्री कथित तौर पर घुस आए और तीन अन्य ने उसकी मदद की।
एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 4422 के कॉकपिट में यात्रियों द्वारा धावा बोलने और उसके साथ तीखी बहस के बाद घबराहट में बागमोरे ने विमान अपहरण का बटन दबा दिया। यह यात्री कोच्चि में कम दृश्यता के कारण 19 अक्टूबर को यहां पर विमान को मोड़ने से कई घंटे लेट होने के कारण घुस आए थे।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पायलट तीन यात्रियों द्वारा विमान को कोच्चि नहीं ले जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने संबंधी अपनी शिकायत पर कायम रही। शहर के वलीयतुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर एसआईटी के अंतर्गत सहायक पुलिस आयुक्त केएस विमल पहले ही छह यात्रियों से पूछताछ कर चुके हैं।
लगभग दो घंटे तक चली पूछताछ के दौरान विशेष जांच दल को पायलट रूपाली बागमोरे ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान के कॉकपिट में तीन यात्री कथित तौर पर घुस आए और तीन अन्य ने उसकी मदद की।
एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 4422 के कॉकपिट में यात्रियों द्वारा धावा बोलने और उसके साथ तीखी बहस के बाद घबराहट में बागमोरे ने विमान अपहरण का बटन दबा दिया। यह यात्री कोच्चि में कम दृश्यता के कारण 19 अक्टूबर को यहां पर विमान को मोड़ने से कई घंटे लेट होने के कारण घुस आए थे।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पायलट तीन यात्रियों द्वारा विमान को कोच्चि नहीं ले जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने संबंधी अपनी शिकायत पर कायम रही। शहर के वलीयतुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर एसआईटी के अंतर्गत सहायक पुलिस आयुक्त केएस विमल पहले ही छह यात्रियों से पूछताछ कर चुके हैं।
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