
राजनाथ सिंह का फाइल फोटो
कोलकाता:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कोलकाता में सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि कैबिनेट से अनुमोदित अध्यादेश को उन्होंने 'पूरी तरह बकवास' कहा और कहा कि 'इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए', उनकी इस टिप्पणी से अराजकता फैलेगी।
राहुल की इस गुस्से भरी टिप्पणी को देश और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए अपमानजनक बताते हुए भाजपा प्रमुख ने कहा कि राहुल को अध्यादेश की सार्वजनिक रूप से निंदा करने के बजाय औपचारिक रूप से इसे वापस लेने के लिए कहना चाहिए था।
राजनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, "अध्यादेश को फाड़ देने की बात कहकर क्या वह अराजकता फैलाना चाहते हैं? वह प्रधानमंत्री के स्वदेश लौटने की प्रतीक्षा कर सकते थे और उनसे कहते कि यह अध्यादेश उपयुक्त नहीं है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। औपचारिक तौर पर अध्यादेश को वापस लेने के लिए वह कैबिनेट की बैठक बुलाने के लिए कह सकते थे।"
राहुल ने शुक्रवार को अप्रत्याशित रूप से उस विवादास्पद अध्यादेश की कड़े शब्दों में आलोचना की जिसे कैबिनेट ने दोषी करार दिए गए सांसदों और विधायकों की सदस्यता बचाने के लिए अनुमोदित किया था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल की गुस्से भरी टिप्पणी देश का अपमान है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी विशेष का नहीं होता, बल्कि वह समूचे देश का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे समय में जब वह विदेश में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उनकी अपनी ही पार्टी के एक नेता ने उनका अपमान किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। इससे देश की प्रतिष्ठा और गरिमा को ठेस पहुंचा है।"
राहुल की इस गुस्से भरी टिप्पणी को देश और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए अपमानजनक बताते हुए भाजपा प्रमुख ने कहा कि राहुल को अध्यादेश की सार्वजनिक रूप से निंदा करने के बजाय औपचारिक रूप से इसे वापस लेने के लिए कहना चाहिए था।
राजनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, "अध्यादेश को फाड़ देने की बात कहकर क्या वह अराजकता फैलाना चाहते हैं? वह प्रधानमंत्री के स्वदेश लौटने की प्रतीक्षा कर सकते थे और उनसे कहते कि यह अध्यादेश उपयुक्त नहीं है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। औपचारिक तौर पर अध्यादेश को वापस लेने के लिए वह कैबिनेट की बैठक बुलाने के लिए कह सकते थे।"
राहुल ने शुक्रवार को अप्रत्याशित रूप से उस विवादास्पद अध्यादेश की कड़े शब्दों में आलोचना की जिसे कैबिनेट ने दोषी करार दिए गए सांसदों और विधायकों की सदस्यता बचाने के लिए अनुमोदित किया था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल की गुस्से भरी टिप्पणी देश का अपमान है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी विशेष का नहीं होता, बल्कि वह समूचे देश का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे समय में जब वह विदेश में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उनकी अपनी ही पार्टी के एक नेता ने उनका अपमान किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। इससे देश की प्रतिष्ठा और गरिमा को ठेस पहुंचा है।"
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