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This Article is From Aug 17, 2025

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में फटा बादल, 4 की मौत, कई अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अधिकारियों ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक संयुक्त टीम गांव पहुंच गई और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ राहत कार्य में जुट गई.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में फटा बादल, 4 की मौत, कई अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
कठुआ में फटा बादल, कई लोग लापता
  • कठुआ जिले के राजबाग के जोड घाटी गांव में शनिवार-रविवार की रात बादल फटने से चार लोगों की मौत हुई है
  • पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद राहत कार्यों में स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ भागीदारी की है
  • छह घायल लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और कई अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं, खोज जारी है
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कठुआ:

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के एक गांव में बादल फटने की घटना सामने आई है. अभी तक मिली जानकारी के इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे अधिकारियों के अनुसार ये घटना शनिवार और रविवार की रात राजबाग के जोड घाटी गांव में हुई है. 

अधिकारियों ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक संयुक्त टीम गांव पहुंच गई और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ राहत कार्य में जुट गई. उन्होंने बताया कि अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है.

कठुआ थाना क्षेत्र के बगड़ और चंगड़ा गांवों और लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवां-हुटली में भी भूस्खलन की घटनाएं हुई, लेकिन किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. भारी बारिश के कारण अधिकांश जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और उझ नदी खतरे के निशान के पास बह रही है. जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और उसने लोगों से जलाशयों से दूर रहने की अपील की है. 

भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जबकि रेलवे ट्रैक और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बजरी और कीचड़ जमा हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ. अचानक आई बाढ़ का सबसे  ज्यादा असर जोड़ घाटी (राजबाग) में पड़ा है. बागड़, चांगडा और दिलवान-हुतली गांवों में भी भूस्खलन होने की खबर है. उझ नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है. 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही किश्तवाड़ में भी बादल फटने की घटना हुई थी. उस घटना में 60 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अभी तक लापता बताए जा रहे हैं. किश्तवाड़ में भी बीते कुछ दिनों से राहत और बचाव कार्य जारी है. NDRF, SDRF और सेना की कई टीमें मौके पर मलबा हटाने के काम में लगी हैं. 

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