चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गेमचेंजर बनेगा. भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट से ये एक्सप्रेसवे जिले के भरतकूप के निकट वाराणसी-बांदा से शुरू होगा और जिले के अहमदगंज गांव के पास NH135BG पर मध्य प्रदेश सीमा के निकट खत्म होगा. ये सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. 4 लेन का एक्सप्रेसवे 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे मंदाकिनी नदी के घाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और रामघाट जैसे प्रमुख केंद्रों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट कर देगा. इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों को बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे चित्रकूट धाम तक पहुंचना आसान होगा.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) इस लिंक एक्सप्रेसवे को बना रहा है. दिल्ली-एनसीआर, आगरा, ग्वालियर, या झांसी से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिये आने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा. वो सीधे हाई स्पीड कॉरिडोर से होते हुए चित्रकूट के मंदिर और तीर्थस्थलों तक पहुंच पाएंगे.
- 14 से 15 किलोमीटर लंबाई
- 4 लेन, 6 लेन तक विस्तार संभव
- यूपीडा लिंक एक्सप्रेसवे की नोडल एजेंसी
- चित्रकूट धाम, कर्वी से कनेक्ट होगा
1. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे (लगभग 15 किमी) चित्रकूट के सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. चूंकि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगे जाकर इटावा के कुदरैल गांव के करीब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ती है. लिहाजा आगरा, लखनऊ से ये कनेक्ट होगा.
2. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिये ये यमुना एक्सप्रेसवे पर जाकर दिल्ली-एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा) के रूट से भी जुड़ेगा. इससे दिल्ली-एनसीआर से चित्रकूट तक तेज रफ्तार का सफर होगा.
3. झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (Jhansi Link Expressway)से भी जोड़े जाने की ैतयारी है. इससे झांसी, जालौन रूट के यात्रियों को भी हाईस्पीड नेटवर्क का फायदा मिलेगा.
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को फायदा
चित्रकूट समेत पूरा बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर का अहम सेंटर है. लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से चित्रकूट के आसपास की औद्योगिक इकाइयों को सीधे दिल्ली, लखनऊ और कानपुर तक माल भेजने के लिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लाभ मिलेगा. यूपीडा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा भी बना रहा है. इससे पर्यटन के अलावा चित्रकूट लॉजिस्टिक्स, होटल, हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिलेगा. कानपुर, झांसी जैसे अन्य औद्योगिक कॉरिडोर से हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. यह गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट हो सकता है.
भूमि अधिग्रहण
UPEIDA ने एक्सप्रेसवे निर्माण और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की है. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे आकार में महज 15 किमी का है, लेकिन ये बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 296 किलोमीटर लंबे नेटवर्क की अहम कड़ी साबित होगा.
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