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This Article is From Nov 20, 2022

कानून मंत्री के सामने कोलेजियम सिस्टम पर चीफ जस्टिस ने की बड़ी टिप्पणी

गुजरात बार के प्रतिनिधियों के सोमवार को गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश निखिल करियल के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर सीजेआई से मिलने की उम्मीद है.

कानून मंत्री के सामने कोलेजियम सिस्टम पर चीफ जस्टिस ने की बड़ी टिप्पणी
चीफ जस्टिस ने कहा कि वकीलों की हड़ताल "न्याय मांगने वालों को पीड़ित" बनाती है.

गुजरात के एक न्यायाधीश के तबादले पर गुजरात उच्च न्यायालय के वकीलों से मिलने के लिए भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) धनंजय वाई चंद्रचूड़ सहमत हो गए हैं. CJI ने शनिवार को कहा कि हड़ताल "न्याय मांगने वालों को पीड़ित" बनाती है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए CJI ने न्यायिक नियुक्तियों की कॉलेजियम प्रणाली का समर्थन करते हुए कहा कि यह "राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य" को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक निर्णय लेती है.

इस कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने तबादले के मामले को लेकर सीजेआई से मिलने की मांग करने वाले वकीलों की आलोचना की. उन्होंने कहा, "यह एक व्यक्तिगत मुद्दा हो सकता है लेकिन अगर कॉलेजियम के हर फैसले के खिलाफ इसी तरह विरोध होगा तो यह कहां तक ​​जाएगा? पूरा आयाम बदल जाएगा."

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ को पिछले सप्ताह शीर्ष न्यायिक पद पर पदोन्नत किया गया था और उन्होंने 16 नवंबर को अपनी पहली कॉलेजियम बैठक की अध्यक्षता की. इसमें उन्होंने तीन उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों मद्रास, गुजरात और तेलंगाना से एक-एक को प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरित करने का फैसला किया. पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने मद्रास उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टी राजा को राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की, जबकि न्यायमूर्ति निखिल एस करियल और न्यायमूर्ति ए अभिषेक रेड्डी को पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है.

न्यायमूर्ति राजा को 31 मार्च, 2009 को मद्रास उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और 22 सितंबर, 2022 से उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया.न्यायमूर्ति निखिल एस करियल वर्तमान में गुजरात उच्च न्यायालय में न्यायाधीश हैं, जबकि न्यायमूर्ति ए अभिषेक रेड्डी तेलंगाना उच्च न्यायालय में तैनात हैं.
न्यायमूर्ति निखिल एस करियल के स्थानांतरण का वकील विरोध कर रहे हैं और हड़ताल पर चले गए हैं. CJI स्थानांतरण प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए गुजरात बार के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए सहमत हो गए हैं.

कानून मंत्री ने कहा कि इस तरह के लगातार टकराव चिंताजनक हैं और सभी पक्षों को यह तय करना चाहिए कि संस्था के लिए क्या अच्छा है? "जब मैंने वकीलों को विरोध प्रदर्शन के लिए जाते देखा ... मैंने कुछ जानकारी सुनी कि कुछ वकील कुछ मुद्दों पर हड़ताल पर जा रहे हैं और आने वाले दिनों में, ये कुछ चीजें हैं, जो हम बार-बार देख सकते हैं. हमें यह तय करना होगा कि क्या यह संस्था के लिए अच्छा होगा?"

गुजरात बार के प्रतिनिधियों के सोमवार को गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश निखिल करियल के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर सीजेआई से मिलने की उम्मीद है. CJI चंद्रचूड़ 9 नवंबर को भारत के 50 वें मुख्य न्यायाधीश बने. उनका कार्यकाल 10 नवंबर, 2024 तक होगा. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित का स्थान लिया, जो 9 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए.

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