
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को मोदी सरकार की कश्मीर नीति को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार का 'कठोर, सैन्यवादी' दृष्टिकोण राज्य से आतंकवाद को खत्म करने में विफल रहा है. पूर्व गृहमंत्री ने ट्वीट किया, "यह दावा किया गया था कि कठोर, मजबूत सैन्यवादी दृष्टिकोण आतंकवाद व घुसपैठ को खत्म कर देगा. क्या ऐसा हो पाया?" पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियां महज बयानबाजी हैं.
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चिदंबरम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में मारे गए नागरिकों व आतंकवादियोंकी संख्या 2014 से 2017 तक करीब दोगुनी हो गई. यह क्रमश: 28 से 57 व 110 से 218 हो गई है. इस अवधि में मारे गए सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़कर 47 से 83 हो गई है.
चिदंबरम ने कहा, "यदि आप उनमें से है जो यह मानते हैं कि सरकार के कठोर व सैन्यवादी दृष्टिकोण को एक अवसर दिया जाना चाहिए..तो आपको अपना विचार बदल लेना चाहिए." कांग्रेस नेता ने कहा कि बुद्धिमत्ता जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए सक्रियता से काम करने में है, जहां 1989 से सक्रिय हुए अलगाववादी अभियान में हजारों लोगों की जान जा चुकी है.
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उन्होंने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी व मनमोहन सिंह दोनों को कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए कठिन प्रयासों के लिए याद किया जाएगा." सिब्बल ने एक ट्वीट में कहा, "हर रोज जवान व पुलिस कर्मी शहीद हो रहे है। क्या सरकार इसका जवाब देगी? लोगों की जान जाने का सिलसिला कब बंद होगा."
इनपुट- आईएएनएस
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