विज्ञापन

वेदांता प्लांट ब्लास्ट में अनिल अग्रवाल पर FIR की आलोचना पर बोले पारस जैन- वजह होगी तभी तो केस हुआ

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता के पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. करीब 14 लोग घायल हैं.

वेदांता प्लांट ब्लास्ट में अनिल अग्रवाल पर FIR की आलोचना पर बोले पारस जैन- वजह होगी तभी तो केस हुआ
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में वेदांता के पावर प्लांट में हुए धमाके में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है. इसे लेकर ग्रुप चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 8-10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर उद्योगपति नवीन जिंदल ने सवाल उठाए तो पारस ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन प्रवेश जैन ने उनकी तीखी आलोचना की.

प्रवेश जैन ने सोशल मीडिया पोस्ट में जिंदल को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आपका दिल कहां है? इस भयावह हादसे में कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए. कई पिता, पति और बेटे मारे गए. कई घरों के इकलौते कमाने वाले हमेशा के लिए चले गए. फिर भी आप एक अरबपति उद्योगपति का बचाव कर रहे हैं. 

उद्योगपतियों के संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाने वाले जिंदल के बयान पर भी जैन ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये कॉरपोरेट एकजुटता का मामला नहीं है. ऐसे मामलों में जब संबंधित कंपनी के चेयरमैन के खिलाफ रुटीन एफआईआर दर्ज होती है तो उसके पीछे वजह होती है. मौतें आपराधिक लापरवाही से होती हैं. जैन ने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी उन लाखों मजदूरों के लिए आंसू बहाए हैं, जो महज 10 हजार रुपये के लिए 12-12 घंटे की शिफ्ट में अपनी जान जोखिम में डालते हैं. कभी नहीं. 

इससे पहले, नवीन जिंदल ने औपचारिक जांच से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में जोड़ने पर सवाल उठाए थे और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया था. उन्होंने कहा कि अनिल अग्रवाल एक साधारण पृष्ठभूमि वाले इंसान हैं, जिन्होंने शून्य से शुरू करके एक वैश्विक साम्राज्य खड़ा किया है. उस प्लांट के संचालन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. 

जिंदल ने सवाल उठाया कि जब किसी पीएसयू प्लांट प्लांट या रेलवे में दुर्घटनाएं होती हैं तो क्या चेयरमैन को नामजद किया जाता है? नहीं. यही स्टैंडर्ड प्राइवेट सेक्टर पर भी लागू होना चाहिए. जिंदल ने हालांकि वेदांता प्लांट हादसे को "बेहद दर्दनाक" बताते हुए कहा कि कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है. उनके लिए उचित मुआवजा और निष्पक्ष जांच ऐसी शर्तें हैं, जिन पर समझौता नहीं किया जा सकता.

देखें- Ignored Warnings से ‘डेथ ट्रैप' तक: वेदांता प्लांट हादसे की पूरी टाइमलाइन, अबतक क्या-क्या हुआ?

इस बीच, वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. करीब 14 लोग अब भी घायल हैं. बता दें कि 14 अप्रल को सिंघीतराई प्लांट के बॉयलर 1 में उस वक्त जोरदार धमाका हुआ था, जब बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दबाव वाली भाप ले जाने वाला स्टील का पाइप फट गया था. इससे 600 डिग्री तापमान वाली अत्यधिक गर्म भाप ने वहां मौजूद लोगों को चपेट में ले लिया. 

धमाके के बाद पुलिस की शुरुआती जांच में यह पाया गया कि बॉयलर की भट्टी के अंदर अत्यधिक ईंधन जमा होने के कारण दबाव बढ़ गया था, जिससे धमाका हुआ. शुरुआती जांच में पावर प्लांट में मेंटिनेंस में लापरवाही और संचालन में कोताही की तरफ भी इशारा किया गया है. फोरेंसिक जांच में भी पुष्टि हुई है कि ईंधन का जमाव और उससे पैदा हुआ अत्यधिक दबाव ही धमाके की प्रमुख वजह था. 

सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इस मामले में डभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (किसी की लापरवाही से मृत्यु होना), 289 (मशीनरी को लेकर लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत FIR दर्ज की गई है. FIR में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटेल सहित 8-10 लोगों को नामज़द किया गया है. 

इस घटना के तुरंत बाद वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि सिंघीतराई प्लांट में हुई अत्यंत दुखद दुर्घटना से मेरा मन बहुत व्यथित है. इस हादसे में पीड़ित हर व्यक्ति मेरा परिवार है. आपके आंसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा अपना है. दुख की इस घड़ी में मैं पूरी तरह आपके साथ खड़ा हूं. हमारा पूरा सहयोग और हरसंभव मदद आपके साथ है... इस मामले की तह तक जाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. 

इस बीच, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वेदांता हादसे में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा हो, कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने पुलिस पर एफआईआर की कॉपी उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वेदांता कंपनी में पहले हुए हादसे में करीब 40 लोगों की मौत हुई थी, जिस पर तत्कालीन सरकार ने लीपापोती कर दी थी.  

देखें- वेदांता ग्रुप की जानलेवा घटनाएं : सक्ती पावर प्लांट धमाके से पहले छत्तीसगढ़ में इस हादसे में हुई थीं 40 मौतें

लेखक के बारे में
img
मनोज शर्मा
मनोज शर्मा
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Vedanta, Vedanta Power Plant Blast, Vedanta Anil Agarwal
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com