- चंडीगढ़ के शराब ठेके पर 14 सितंबर की शाम बम फेंककर धमाका किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे.
- संचालक ने 9 सितंबर को एक महिला द्वारा परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग की घटना की जांच कराने की मांग की है.
- धमाके के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन जांच और एफआईआर दर्ज करने में देरी की शिकायत मिली है.
चंडीगढ़ के खुड्डा अलीशेर स्थित शराब ठेके पर धमाके की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ठेका संचालक गौरव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आशंका जताई है कि कहीं ठेके को निशाना बनाने से पहले उसकी रेकी तो नहीं की गई थी. शिकायत के मुताबिक 9 सितंबर को एक अज्ञात महिला ठेके के बाहर से मोबाइल पर परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग करती सीसीटीवी में दिखाई दी. इसके पांच दिन बाद 14 सितंबर की शाम एक्टिवा सवार दो युवकों ने ठेके की सर्विस खिड़की की तरफ बम फेंका, जिससे तेज धमाका हुआ. संचालक ने दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच की मांग की है.
14 सितंबर की शाम शराब ठेके पर बम से हुआ था हमला
घटना 14 सितंबर की शाम करीब 6:47 से 6:50 बजे के बीच की बताई गई है. शिकायत के अनुसार एक्टिवा पर दो युवक ठेके के पास पहुंचे. पीछे बैठे युवक ने सर्विस खिड़की की ओर वस्तु फेंकी, लेकिन वह अंदर जाने के बजाय बाहर ग्राहकों के पैरों के पास जा गिरी और जोरदार धमाका हो गया. धमाके के बाद वहां अफरातफरी मच गई. दोनों युवक एक्टिवा से मौके से निकल गए. घटना के तुरंत बाद मैनेजर वरिंदर सिंह ने 112 पर सूचना दी. थाना सेक्टर-11 से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया.
5 दिन पहले महिला की गतिविधि ने बढ़ाया शक
ठेका संचालक के मुताबिक 9 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे एक अज्ञात महिला ठेके के बाहर से परिसर की मोबाइल रिकॉर्डिंग कर रही थी. घटना के बाद इस फुटेज को महत्वपूर्ण मानते हुए पुलिस को उपलब्ध कराया गया है. संचालक का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जाना जरूरी है कि महिला कौन थी और वह ठेके की वीडियो क्यों बना रही थी. इसी तरह एक्टिवा सवार युवकों की पहचान के लिए घटना के समय आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की गई है.
Bomb-Like Object Thrown at Liquor Shop in Khuda Ali Sher, Chandigarh.#chandigarh pic.twitter.com/P2ojzsJqBc
— Vinod Katwal (@Katwal_Vinod) September 17, 2026
‘ठेका उड़ाने' की आशंका, पुलिस की जांच पर भी सवाल
संचालक ने शिकायत में आशंका जताई है कि धमाके वाली वस्तु फेंकना किसी बड़े आपराधिक उद्देश्य का हिस्सा हो सकता है. यह किसी गंभीर वारदात से पहले की कोशिश, धमकाने की कार्रवाई या किसी अन्य उद्देश्य से किया गया हमला था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि फेंकी गई वस्तु वास्तव में विस्फोटक थी. इसकी प्रकृति की पुष्टि पुलिस जांच और विशेषज्ञ परीक्षण से ही हो सकेगी.
सीसीटीवी समय 15 मिनट पीछे, आसपास के कैमरे अहम
शिकायतकर्ता के अनुसार ठेके के सीसीटीवी कैमरों का समय वास्तविक समय से करीब 15 मिनट पीछे है. ऐसे में आसपास लगे कैमरों की फुटेज देखते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है. संचालक का आरोप है कि 112 पर सूचना और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद उन्हें अब तक जांच की प्रगति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. इसी वजह से उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपनी, मैनेजर और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है.
अब पुलिस जांच में तीन कड़ियां अहम
9 सितंबर को ठेके की रिकॉर्डिंग करने वाली महिला कौन थी, 14 सितंबर को बमनुमा वस्तु फेंकने वाले दोनों युवक कौन थे और क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है. इन सवालों के जवाब से ही साफ होगा कि यह महज धमकाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी.
112 पर सूचना के बाद पुलिस पहुंची, क्या हुआ?
ठेका प्रबंधक वरिंदर सिंह ने घटना के तुरंत बाद 112 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दी. सेक्टर-11 थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचा, जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया. संचालक का कहना है कि इसके बाद जांच की प्रगति की जानकारी उन्हें नहीं दी गई. जबकि उनके द्वारा घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया था. मौके पर पहुंचने के बावजूद उन्हें अब तक जांच की प्रगति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. इसी वजह से उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपनी, मैनेजर और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है.
धमाके से पांच दिन पहले महिला की रिकॉर्डिंग
शिकायत के मुताबिक 9 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे एक अज्ञात महिला ठेके के बाहर से मोबाइल पर परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग करती सीसीटीवी में दिखाई दी. संचालक ने इस फुटेज की भी जांच कराने की मांग की है.
ब्लास्ट के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल
शराब ठेके पर हुई बमनुमा वस्तु से धमाके जैसी गंभीर घटना के बाद थाना पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूचना देने और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद अब तक मामले में FIR दर्ज करने या जांच को आगे बढ़ाने की जानकारी नहीं मिली. शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे दबाने की कोशिश हो रही है. इसी के चलते उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपनी, कर्मचारियों और व्यापारिक प्रतिष्ठान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है.
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