विज्ञापन
Story ProgressBack

सीबीआई भारत सरकार के नियंत्रण में नहीं है: केंद्र

पश्चिम बंगाल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र के खिलाफ शीर्ष अदालत में एक मूल मुकदमा दायर किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सीबीआई प्राथमिकी दर्ज कर रही है और अपनी जांच आगे बढ़ा रही है जबकि राज्य ने अपने अधिकार क्षेत्र में संघीय एजेंसी को मामलों की जांच के लिए दी गई आम सहमति वापस ले ली है.

Read Time: 4 mins
सीबीआई भारत सरकार के नियंत्रण में नहीं है: केंद्र

केंद्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उसके ‘नियंत्रण' में नहीं है और वह एजेंसी द्वारा दर्ज अपराध या उसकी जांच की निगरानी नहीं कर सकता है. केंद्र की यह दलील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्षी दल सरकार पर अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं.

केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर वाद पर अपनी प्रारंभिक आपत्तियों में यह बात कही. दरअसल बंगाल सरकार ने अपने वाद में कहा है कि सीबीआई राज्य की पूर्वानुमति के बिना कई मामलों में अपनी जांच आगे बढ़ा रही है .

पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र की दलील का विरोध किया और कहा कि जब किसी राज्य में सीबीआई आती है, तो वहां ईडी भी आ जाती है और इसका देश की राजनीति पर बड़ा असर पड़ता है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र के खिलाफ शीर्ष अदालत में एक मूल मुकदमा दायर किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सीबीआई प्राथमिकी दर्ज कर रही है और अपनी जांच आगे बढ़ा रही है जबकि राज्य ने अपने अधिकार क्षेत्र में संघीय एजेंसी को मामलों की जांच के लिए दी गई आम सहमति वापस ले ली है.

अनुच्छेद 131 केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच विवाद में उच्चतम न्यायालय के मूल अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है.

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि संविधान का अनुच्छेद 131 उच्चतम न्यायालय को प्रदत्त ‘‘सर्वाधिक पवित्र अधिकार क्षेत्र में से एक'' है और इस प्रावधान के दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती.

उन्होंने कहा कि राज्य ने वाद में जिन मामलों का जिक्र है वे केन्द्र सरकार ने दर्ज नहीं किए हैं.मेहता ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है. सीबीआई ने इसे दर्ज किया है.” उन्होंने कहा, “सीबीआई भारत सरकार के नियंत्रण में नहीं है.''

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मुकदमे में जिन मामलों का उल्लेख किया गया है, उनमें वे मामले भी शामिल हैं जिन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दर्ज करने का आदेश दिया था.

मेहता ने कहा कि सीबीआई की निगरानी का हक भारत सरकार के पास नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं (केंद्र) न तो अपराध के पंजीकरण की निगरानी कर सकता हूं, न ही जांच की निगरानी कर सकता हूं और न ही यह निगरानी कर सकता हूं कि वह मामला कैसे बंद करेगी, या आरोप पत्र कैसे दाखिल करेगी, दोषसिद्धि कैसे होगी या दोषमुक्ति कैसे होगी.'

मेहता ने दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (डीएसपीई) अधिनियम 1946 का भी हवाला दिया.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल द्वारा दायर वाद सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि भारत संघ के विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता है.

मेहता ने कहा कि इसी तरह का मामला और यही प्रश्न पहले से ही एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के तहत न्यायालय के समक्ष लंबित है और इस तथ्य का राज्य के वाद में जिक्र नहीं है और इस आधार पर इसे खारिज किया जाए.

पश्चिम बंगाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि सीबीआई कोई वैधानिक प्राधिकरण नहीं है और यह एक जांच एजेंसी है.

पीठ ने पूछा, “ इसे वैधानिक प्राधिकरण क्यों नहीं माना जा सकता?”

सिब्बल ने कहा, 'यह (सीबीआई) सरकार की जांच शाखा है.'

उन्होंने डीएसपीई अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया, जिसमें धारा चार भी शामिल है जो विशेष पुलिस प्रतिष्ठानों के संचालन और प्रशासन से संबंधित है.

सिब्बल ने कहा, 'भारत संघ के प्रशासनिक ढांचे में पुलिस प्रतिष्ठान की देखरेख कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पास है.'

सिब्बल ने कहा कि जब संसद में सीबीआई के बारे में सवाल पूछा जाता है तो इसका जवाब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के राज्य मंत्री देते हैं.

उन्होंने कहा कि जब राज्य ने अपनी सहमति वापस ले ले तो सीबीआई राज्य में प्रवेश कर जांच नहीं कर सकती.

इस मामले में बहस अधूरी रही और यह आठ मई को भी जारी रहेगी.

दरअसल पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई को जांच करने अथवा राज्य में छापे मारने के संबंध में दी गई ‘‘आम सहमति'' 16 नवंबर 2018 को वापस ले ली थी.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
गजब! बुलेट पर सवार थे 7 लोग... एक को कंधे पर भी बिठाया, कट गया 9500 का चालान
सीबीआई भारत सरकार के नियंत्रण में नहीं है: केंद्र
"BJP सरकार में सूदखोरों से परेशान लोग आत्महत्या करने पर विवश" : अखिलेश यादव
Next Article
"BJP सरकार में सूदखोरों से परेशान लोग आत्महत्या करने पर विवश" : अखिलेश यादव
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;