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This Article is From Jul 01, 2025

बेंगलुरु भगदड़ मामले में CAT ने IPS विकास कुमार के निलंबन के आदेश को किया रद्द

विकास ने सरकार के पांच जून के निलंबन आदेश को न्यायाधिकरण के समक्ष चुनौती दी थी, जिसमें तत्कालीन बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शेखर एच टेक्कन्नावर के नाम भी शामिल थे.

बेंगलुरु भगदड़ मामले में CAT ने IPS विकास कुमार के निलंबन के आदेश को किया रद्द
विकास कुमार के खिलाफ कर्नाटक सरकार के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया
बेंगलुरु:

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी विकास कुमार विकास के खिलाफ कर्नाटक सरकार के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है, जिन पर पिछले महीने यहां हुई भीषण भगदड़ के मद्देनजर कार्रवाई की गई थी. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के सामने चार जून को मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी. मामले में योजना और भीड़ प्रबंधन को लेकर तीखी आलोचना हुई थी.

विकास ने सरकार के पांच जून के निलंबन आदेश को न्यायाधिकरण के समक्ष चुनौती दी थी, जिसमें तत्कालीन बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शेखर एच टेक्कन्नावर के नाम भी शामिल थे.

न्यायाधिकरण की बेंगलुरु पीठ में न्यायमूर्ति बी के श्रीवास्तव और प्रशासनिक सदस्य संतोष मेहरा शामिल थे. पीठ ने 24 जून को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मंगलवार को इसने विकास के निलंबन को रद्द कर दिया.

विकास के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता ध्यान चिनप्पा ने कहा, 'न्यायाधिकरण ने याचिका को स्वीकार कर लिया और निलंबन को रद्द कर दिया. न्यायाधिकरण ने कहा है कि वह सेवा नियमों के अनुसार सभी लाभों के हकदार हैं.'

कैट ने यह भी कहा कि उसके निष्कर्षों को दयानंद और टेक्कन्नावर के मामलों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे उनकी संभावित बहाली का रास्ता खुल सकता है. घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त दयानंद, स्टेडियम के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार विकास, केंद्रीय संभाग के पुलिस उपायुक्त शेखर एच टेक्कन्नावर, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सी. बालकृष्ण और कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के सर्किल निरीक्षक ए. के. गिरीश को निलंबित करने की घोषणा की थी.

सरकार ने तीनों आईपीएस अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत निलंबित कर दिया था, जबकि एसीपी और सर्किल निरीक्षक के खिलाफ कर्नाटक राज्य पुलिस (अनुशासनात्मक कार्यवाही) नियम, 1965 के तहत कार्रवाई की गई थी.

निलंबन आदेश के अनुसार, आरसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने तीन जून को बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को चार जून को विजय परेड और कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में सूचित किया था. हालांकि, पुलिस आयुक्त का कार्यालय आयोजकों को लिखित जवाब देने में विफल रहा और समय की कमी के आधार पर अनुमति देने से इनकार कर दिया.

इसमें कहा गया है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और क्रिकेट एसोसिएशन ने जश्न के बारे में ट्वीट किया और टिकट या पास जारी करने की सामान्य प्रक्रिया से गुजरे बिना प्रशंसकों को चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमंत्रित किया. पुलिस द्वारा घटनाक्रम और क्रिकेट प्रशंसकों की भारी भीड़ की संभावना के बारे में पता होने के बावजूद, स्टेडियम में कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने या लोगों को उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए पर्याप्त जानकारी देने या उचित भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए कदम नहीं उठाए गए.

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