
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त आईएस चहल ने कहा कि मुंबई में कुछ प्रयोगशालाएं कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए नमूने की रिपोर्ट देने में 18 दिन लगाए हैं. पिछले महीने बीएमसी के आयुक्त के रूप में पदभार संभालने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि उन्हें पता चला कि 4 अप्रैल को लिए गए नमूने की रिपोर्ट 22 अप्रैल को दी गई थी. चहल ने सोमवार को एक टीवी चैनल से कहा, 'कुछ प्रयोगशालाएं 18 दिन बाद रिपोर्ट सौंपकर गंभीर अपराध कर रही हैं. इसके लिए वे सजा पाने के हकदार हैं.' निकाय प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ऐसी प्रयोगशालाओं को बताया कि कोरोना वायरस के लिए लिए गए नमूनों की रिपोर्ट देने में देरी की वजह स्वीकार्य नहीं है. चहल एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि यदि आप मुझे 24 घंटे में स्वैब रिपोर्ट नहीं दे सकते हैं, तो आप मुंबई में काम नहीं कर सकते. मैं 15-16 दिनों बाद आपकी रिपोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता.'
आयुक्त ने कहा, 'हमारे पास मुंबई में 2,500 अस्पताल हैं. प्रत्येक अस्पताल को अब जांच करने के लिए अधिकृत किया गया है. हमने यहां तक कि लोगों को अपने घरों से नमूने एकत्र करने की अनुमति दी है, जो आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के बाहर है.' सोमवार तक, मुंबई में कोविड-19 के 49,863 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 1,700 मौतें शामिल हैं.
गौरतलब है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस जान लेवा संक्रमण से बुरी तरह से प्रभावित है. शहर में कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 50,000 से अधिक है और मृतकों की तादाद 1,702 हैं. भारत कोरोना वायरस के मामलों के हिसाब से दुनिया का पांचवा सबसे से प्रभावित देश है. भारत से पहले अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन ही हैं. मुंबई के ही मामले दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, स्वीडन, यूएई, सिंगापुर, पुर्तगाल, इंडोनेशिया, स्विट्जरलैंड, यूक्रेन, पौलेंड, जापान, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और कई अन्य देशों से ज्यादा है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं