- BJP ने कर्नाटक MLC चुनाव में हुई क्रॉस-वोटिंग की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है.
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं को भी तलब किया है.
- प्रदेश अध्यक्ष का साफ कहना है कि क्रॉस वोटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
चुनाव विधान परिषद का हो या राज्यसभा का... विरोधी दलों से सदस्यों के BJP के पक्ष में मतदान की खबरें आती रही हैं. लेकिन गुरुवार को कर्नाटक में कुछ ऐसा हुआ, जिसने भाजपा आलाकमान को हरकत में ला दिया. कर्नाटक में 'रिवर्स ऑपरेशन लोटस' हो गया. कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP और JDS के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की इस सियासी चाल ने कांग्रेस के सभी 5 उम्मीदवारों को जीत दिला दी. दूसरी ओर NDA के सहयोगी JD(S) के उम्मीदवार को करारी हार झेलनी पड़ी. कर्नाटक विधान परिषद में मिली इस हार ने बीजेपी खेमे को सकते में ला दिया है. आखिर क्रॉस वोटिंग कैसे हुई? कौन-कौन विधायक टूटे? इन सब चीजों की जांच के लिए बीजेपी ने कमेटी गठित कर दी है. दूसरी ओर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं को दिल्ली तलब किया है.
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बी वाय विजयेंद्र और नेता विपक्ष आर अशोक को दिल्ली बुलाया है. पार्टी इन नेताओं से पूछेगी कि क्रॉस वोटिंग को ध्यान में क्यों नहीं रखा गया. 23 जून को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से दोनों की मुलाकात हो सकती है. प्रदेश इकाई से रिपोर्ट देने को कहा गया है.
वहीं खुद प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का आज समय मांगा था. उन्हें अगले सप्ताह आने को कहा गया क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष दौरे पर जा रहे हैं.
क्रॉस-वोटिंग की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी
BJP ने कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विधायकों की कथित क्रॉस-वोटिंग से जुड़े तथ्यों और हालात का पता लगाने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है. पार्टी ने इस मामले में आंतरिक जांच कराने का फैसला किया है. इस कमेटी में पूर्व मंत्री और MLC सी.टी. रवि, BJP के राज्य उपाध्यक्ष एन. महेश और विधायक महेश तेंगिनाकाई शामिल हैं.
जांच कमेटी को 25 जून तक देनी होगी रिपोर्ट
कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की विस्तार से जांच करे और 25 जून, 2026 तक या उससे पहले पार्टी नेतृत्व को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपे.
कर्नाटक MLC चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर बीजेपी आलाकमान भी हरकत में आ गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कर्नाटक बीजेपी चीफ को बी.वाई. विजयेंद्र और अन्य पार्टी नेताओं को तलब किया है.
क्रॉस वोटिंग को पार्टी ने गंभीरता से लिया
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव में भाजपा विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग के मामले को पार्टी ने गंभीरता से लिया है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात का समय भी मांगा है.
विजयेंद्र बोले- JDS के 5-6 और बीजेपी के 4-5 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने 18 जून को हुए विधान परिषद चुनाव और कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात का अनुरोध किया है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन के दोनों दलों में क्रॉस वोटिंग हुई है. उनके अनुसार, जेडी(एस) के छह से सात विधायकों और भाजपा के चार से पांच विधायकों ने गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं किया.
विजयेंद्र बोले- राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर दूंगा जानकारी
विजयेंद्र ने कहा, "हमें इस बात की जानकारी मिली है कि चुनाव के दौरान किन लोगों ने खेल किया. मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी जानकारी दूंगा. जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आने वाले विधायक यदि क्रॉस वोटिंग में शामिल पाए गए तो उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा. हालांकि उन्होंने संबंधित विधायकों के नाम बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त जानकारी है और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा.
उन्होंने कहा, "भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और हर चीज की एक सीमा होती है. पार्टी कार्यकर्ता इन घटनाओं से आहत हैं. यदि भाजपा विधायक ऐसे कृत्य में शामिल पाए जाते हैं तो पार्टी निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी."
नतीजों से कुमारस्वामी आहत, विजयेंद्र बोले- क्रॉस वोटिंग से भाजपा का अपमान
विजयेंद्र ने कहा कि चुनाव परिणाम से कुमारस्वामी बेहद आहत हैं और क्रॉस-वोटिंग केवल जेडी(एस) ही नहीं, बल्कि भाजपा का भी अपमान है. उन्होंने कहा, "यदि भाजपा विधायकों ने जेडी(एस) उम्मीदवार के साथ विश्वासघात किया है, तो यह भाजपा के साथ भी विश्वासघात है." उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर कुछ समय से आंतरिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भरोसा जताया कि भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई करेगा.
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की राजनीतिक रणनीतियों से भाजपा के भयभीत होने के सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा किसी से डरने वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी का संगठन मजबूत है और वह हर राजनीतिक चुनौती का मुकाबला करेगी. गौरतलब है कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं. वहीं, एनडीए की सहयोगी JDS अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने में असफल रही.
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