बंगाल बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को गिरफ्तारी से मिला संरक्षण जारी रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने आज कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अदालत 13 दिसंबर को ही इस मुद्दे पर गहराई से सुनवाई कर चुकी है. अब हम इस मामले में डिवीजन बेंच के फैसले पर सुनवाई नहीं करेंगे और सुप्रीम कोर्ट का 13 दिसंबर का फैसला ही प्रभावा रहेगा.
दरअसल, ममता सरकार की ओर से कहा गया कि 13 दिसंबर को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ सुनवाई हुई थी. अब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के खिलाफ अपील की थी. डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के गिरफ्तारी से संरक्षण के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया था.
-
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
इससे पहले 13 दिसंबर 2021 को भी पश्चिम बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली थी. अदालत ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट से मिले गिरफ्तारी से संरक्षण के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार किया था. अधिकारी को सात केसों में से किसी में भी गिरफ्तार न किए जाने का संरक्षण बरकरार रखने को कहा गया था. कोर्ट ने कहा था कि सरकार चाहे तो हाईकोर्ट में सुनवाई जल्द पूरी करने की याचिका दाखिल कर सकती है.
ये भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट में दो हफ्तों तक वर्चुअल सुनवाई होगी, दिल्ली में बढ़ते कोविड केस के बीच फैसला
जानिए पूरा मामला
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कलकत्ता HC द्वारा शुभेंदु अधिकारी को 2018 में बॉडीगार्ड की मौत व अन्य मामलों में गिरफ्तारी से दी गई 'अंतरिम राहत' को चुनौती दी गई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने नंदीग्राम विधायक को अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ ' कठोर कार्रवाई' से राहत दी है. अधिकारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि ये केस 'राजनीति से प्रेरित' हैं.
अपराध जांच विभाग (CID) ने सुवेंदु अधिकारी को उनके निजी सुरक्षा गार्ड सुभब्रत चक्रवर्ती की अप्राकृतिक मौत की जांच से संबंधित एक मामले के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया था, जिन्होंने 2018 में एक पुलिस बैरक में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी.
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की पीठ ने साफ कर दिया कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ तीन मामलों कांथी में बॉडीगार्ड की मौत, नंदीग्राम में जुलूस और तमलुक में एसपी अधिकारी को लेकर हुए मामले में सिंगल बेंच का फैसला प्रभावी रहेगा
Video : "अभी EWS कोटे में बदलाव नहीं" - NEET-PG काउंसलिंग मामले में केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं